Budget 2022: अगर बजट में मिली ये राहत तो सस्ता हो जाएगा सोना!
Budget 2022: अगर बजट में मिली ये राहत को सस्ता हो जाएगा सोना
नई दिल्ली, 31 जनवरी। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। कोरोना और महंगाई की मार झेल रहे लोगों को बजट से राहत की उम्मीदें हैं। वहीं ज्वैलरी उद्योग को भी मोदी सरकार के इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। ज्वैलरी इंडस्ट्री और ज्वैलर्स को उम्मीद है कि सरकार अपने बजट में उन्हें इंपोर्ट ड्यूटी कम कर बड़ी राहत देगी। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि महामारी के बाद हॉलमार्क नियम लागू होने से बिक्री प्रभावित हुई है।

ज्वेलर्स को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण (Nirmala Sitharaman) बजट में सोने की चमक बढ़ाने का उपाय कर सकती हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर उन्हें राहत दे सकती हैं। वहीं इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से कीमतों पर असर पड़ेगा। ज्वैलर्स ने बजट में सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) को घटाने की मांग की हैं। आपको बता दें कि वर्तमान में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 7.5 फीसदी है। ज्वैलर्स मांग कर रहे हैं कि इसे घटाकर 4 फीसदी किया जाए। उनका कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से गोल्ड स्मगलिंग के मामले कम होंगे कि चीन, अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों ने डोमेस्टिक मार्केट को मजबूत बनाने के इंपोर्ट ड्यूटी को हटाया है। इंडिया में गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी ज्यादा होने से इसकी स्मगलिंग को बढ़ावा मिलता है।
द बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंहल का कहना है कि आम आदमी को जितनी ज्यादा सहूलियत मिलेगी, ज्वैलरी उद्योग भी उतना ही खिलेगा और उद्योग को भी उतना ही फायदा मिलेगा. ऐसे में सरकार को बजट में आम आदमी का राहत देने वाली घोषणा करना चाहिए। वहीं ज्वैलरी उद्योग की मांग है कि सोना, चांदी, हीरा की खरीद बिक्री के लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20% से कम करके 10 फीसदी करना चाहिए। वहीं शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 30% से घटाकर 20% होना चाहिए। वहीं अगर कोई क्रेडिट कार्ड से भुगतान करके सोना खरीदता है को बैंक चार्ज नहीं लगना चाहिए।












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