होली से पहले 1.76 लाख सरकारी कर्मचारियों को झटका, सैलरी को लेकर गहराया संकट
नई दिल्ली। दूर संचार कंपनी BSNL के कर्मचारियों को झटका लगा है। होली से पहले कंपनी के कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। पहली बार दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के कर्मचारियों की सैलरी में देरी हुई है। कंपनी अपने 1.76 लाख कर्मचारियों को फरवरी की सैलरी नहीं दे पाई है। कंपनी नकदी संकट से जूझ रही है और अपने कर्मचारियों के वेतन को लेकर संकट में आ गई है।

संकट में कर्मचारियों को भविष्य
सरकारी कर्मचारियों पर पहली बार संकट मंडराया है। दूरसंचार कंपनी BSNL के कर्मचारियों को अब तक फरवरी की सैलरी नहीं मिली है। कंपनी नकदी संकट से जूझ रही है और कर्मचारियों को सैलरी देने में असमर्थ हो गई है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक BSNL बीते 5 साल से नकदी संकट से जूझ रही है। कंपनी लगातार घाटे में चल रही हैय़ दूरसंचार क्षेत्र में कंपनी को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

नहीं मिली सैलरी
कंपनी के कर्मचारियों को फरवरी की सैलरी भी नहीं मिली। कंपनी की हालत देखकर कंपनी की कर्मचारी यूनियन ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा से मदद मांगी थी। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार BSNL को वित्तीय मदद दे। ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ बीएसएनएल (AUAB) ने मंत्री को पत्र लिखकर अपनी स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा है कि बाकी दूरसंचार कंपनियों को भी वित्तीय संकट से जूझना पड़ रहा है लेकिन वे अपने कर्मचारियों की सैलरी नहीं रोक रहे।

क्या है पूरा मामला
BSNL का 55 फीसदी राजस्व कर्मचारियों की सैलरी में जाता है, जो सालाना 8 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। कंपनी पर लगातार बोझ बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कर्मचारियों की फरवरी की सैलरी अब तक नहीं मिली है। इतना ही नहीं मार्च की सैलरी में भी देरी होने की संभावना है। इस माह में कंपनी के राजस्व में बढ़ोतरी होगी लेकिन फिर भी कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी ने सरकार से मदद मांगी है। दूरसंचार विभाग से लोन की मांग की है,लेकिन अब तक इसपर सरकार की ओर से कोई हामी नहीं भरी गई है।












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