सोने को भी बिटकॉइन ने किया फेल, 6 पैसे से 48.5 लाख कीमत पहुंचने में लगे सिर्फ इतने साल
नई दिल्ली, अप्रैल 16: दुनिया की सबसे फेमस क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के दाम दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं, जिस वजह से अब उसकी कीमत 64500 डॉलर के करीब पहुंच गई है। भारत के हिसाब से देखें तो ये राशि करीब 48.5 लाख रुपये होगी। पहले के जमाने में लोग सोने को निवेश का सबसे बेहतरीन जरिया मानते थे, लेकिन अब बिटकॉइन ने सोने को पछाड़ दिया है।

दोनों में कितना अंदर?
अगर आप सोने की तुलना बिटकॉइन से करें, तो जून की डिलवरी वाला सोना 46964 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। ऐसे में किलो के हिसाब से इसे लेंगे तो इसके लिए आपको 4696400 रुपये देने पड़ेंगे, जबकि बिटकॉइन इस वक्त 48.5 लाख रुपये के आसपास है। जिस वजह से सोने के कई सारे निवेशक अब बिटकॉइन की ओर रुख कर रहे हैं।

डॉलर से भी किया किनारा
DoubleLine Capital LP के चीफ Jeffrey Gundlach ने लंबे वक्त तक सोने में निवेश किया था, लेकिन बिटकॉइन ने अब उनका मन बदल दिया है। वो इसे सोने के बेहतर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि वो लंबे वक्त से सोने और अमेरिकी डॉलर में निवेश करते आए थे लेकिन अब उन्होंने दोनों से किनारा कर लिया है। बिटकॉइन स्टीम्युलस एसेट हो सकता है। इस वजह से वो इस पर दांव खेलना चाहते हैं।

12 साल में बदल गए हालात
बिटकॉइन का अविष्कार सातोशी नाकामोतो ने 2009 में किया था। उस वक्त इसकी कीमत 0.060 रुपये और सोने की 14500 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब 12 साल बाद बिटकॉइन सोने को पीछे छोड़ चुका है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भी इसमें पैसा लगाने की बात करते रहते हैं। साथ ही उनकी कंपनी टेस्ला बिटकॉइन से पेमेंट भी ले रही है। हालांकि कुछ लोगों को मानना है कि बिटकॉइन कभी भी नीचे गिर सकता है, जिस वजह से इससे बचना चाहिए।

जून-जुलाई में होगा मुनाफा?
आंकड़े बताते हैं कि साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल से जून) बिटकॉइन और इथीरियम दोनों के लिए शानदार रिटर्न वाला पीरियड होता है। बिटकॉइन ने 2011 के बाद से हर साल दूसरी तिमाही में औसतन 256% का रिटर्न दिया है। मार्च के अंत में बिटकॉइन 58,786 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। अगर पुराने आंकड़े सही निकले तो ये 1 जुलाई तक 209,000 डॉलर के पार जा सकता है।












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