बिटकॉइन 46,000 डॉलर के पार, सीमित सप्लाई तो नहीं बढ़ती कीमतों की वजह?
नई दिल्ली, 15 अगस्त। क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें 15 अगस्त के दिन हरे और लाल रंग में कारोबार कर रही हैं। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार रविवार को 1.56 प्रतिशत नीचे आया है और 1.96 ट्रिलियन पर पहुंच गया है। इसके पहले शनिवार को ही 3 महीने बाद यह 2 ट्रिलियन डॉलर के ऊपर पहुंचा था। पिछले 24 घंटे में कुल क्रिप्टो मार्केट की मात्रा 113 अरब डॉलर रही जो कि 5.18 प्रतिशत ज्यादा है।

क्रिप्टो बाजार में स्थिर सिक्कों की कुल मात्रा 81.18 अरब डॉलर है जो कि कुल क्रिप्टो बाजार का 78.16 प्रतिशत है।
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत रविवार देर शाम 46,355 डॉलर पर पहुंच गई है। क्रिप्टो बाजार में इसका प्रभुत्व 44.21 प्रतिशत है। जो कि दिन भर में 0.06 प्रतिशत नीचे आया है।
सीमित आपूर्ति की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी
बिटकॉइन की एक बार फिर से बढ़ती कीमतों के पीछे इसकी सीमित आपूर्ति को जिम्मेदार माना जा रहा है। बिटकॉइन सरकार द्वारा नियंत्रित डॉलर या रुपये की तरह नहीं है। जैसा कि सरकारें अपनी मुद्रा को छापने के लिए स्वतंत्र होती हैं, हालांकि उन्हें मुद्रास्फीति के परिणाम को ध्यान में रखना होता है।
बिटकॉइन की बात करें तो इसकी सीमा 2.1 करोड़ सिक्के निर्धारित की गई है। जिसमें से 1.8 करोड़ सिक्कों की माइनिंग पहले ही की जा चुकी है। यानि इस हिसाब से देखें तो इसकी शुरुआत से अब तक 12 सालों में 83 प्रतिशत से ज्यादा सिक्कों की माइनिंग हो चुकी है।
ऐसी संभावना जताई गई है कि 2030 के दशक की शुरुआत तक करीब 97 प्रतिशत सिक्कों की माइनिंग की जा चुकी होगी और बाकी 3 प्रतिशत 2140 तक अस्तित्व में आ जाएगा।
स्थिर रखी जाती है आपूर्ति
नए खनन किए गए बिटकॉइन की आपूर्ति इसके एल्गोरिदम द्वारा स्थिर रखी जाती है, हालांकि समय के साथ सिक्कों की संख्या में परिवर्तन हो सकता है। इसीलिए संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में बिटकॉइन की कम माइनिंग के चलते इसकी कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है।
हालांकि बिटकॉइन की कठिनता दूसरे सिक्कों के लिए भी जगह बना सकती है। खासतौर पर इसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी वर्चुअल करेंसी ईथर के लिए स्थिति और मजबूत हो सकती है जो कि अभी 3000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रही है।












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