बिटकॉइन फिर 30,000 के पास, अब आगे क्या होगा? जानिए क्रिप्टो विशेषज्ञों की राय
नई दिल्ली, 25 जून। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के लिए मार्केट में अभी हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। वर्तमान में 30,000 डॉलर के आस-पास संघर्ष कर रही बिटकॉइन के लिए रणनीतिकार कम से कम अभी का समय चुनौतीपूर्ण देख रहे हैं। जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी की शुक्रवार को अपने एक नोट में कहा है कि नियर-टर्म सेटअप चुनौतीपूर्ण है।

जेपी मॉर्गन टीम ने कहा कि ब्लॉकचेन डेटा से पता चलता है कि हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री घाटे को कवर करने के लिए की गई थी और अभी भी खतरा बना हुआ है जिसे बाजार के माध्यम से साफ करने की आवश्यकता है।
सर्वोच्च स्तर के आधे से भी नीचे
बिटकॉइन जो अप्रैल में 64895 डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर थी, गिरकर आधे से भी कम हो गई है। क्रिप्टोकरेंसी को मई महीने में तगड़ा झटका लगा था जब चीन ने सभी तरह की माइनिंग और इसकी ट्रेडिंग पर रोक लगा दी थी। इसके पीछे प्रमुख वजह इसकी माइनिंग और ट्रांजेक्शन में होने वाली भारी मात्रा में ऊर्जा खपत है। साथ ही मनी लॉण्ड्रिंग में इसका इस्तेमाल भी सरकारों को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है। चीन ने हाल ही 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जो अपराध से हुई कमाई को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे थे।
इन कार्रवाइयों के बीच क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार इसके ठीक नहीं होने का संकेत दिखा रहा है।
शनिवार को फिर से गिरावट
शुक्रवार को लगभग 8% की गिरावट के बाद बिटकॉइन शनिवार को एक बार फिर 6% गिरकर 30,296 डॉलर पर पहुंच गई। दूसरे सिक्कों पर भी दबाव साफ देखा गया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर 5% से अधिक गिर गई। कुछ चार्ट पर नजर रखने वालों का मानना है कि 30,000 डॉलर का स्तर बिटकॉइन की कुंजी है। इसके नीचे की गिरावट से 20,000 डॉलर तक पीछे हटने का रास्ता खुल सकता है।












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