Bank Privatisation: इन दो सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर आई बड़ी खबर, कैबिनेट सचिव की बैठक
Bank Privatisation: बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर आई बड़ी खबर, कैबिनेट सचिव की बैठक
नई दिल्ली, जून 27। बैंकों के निजीकरण को लेकर ताजा अपडेट सामने आया है। इंडिय़न ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में जुटी केंद्र सरकार ने बैंकों के निजीकरण की रफ्तार को तेज कर दिया है। नीति आयग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने बैंकों के निजीकरण के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को शॉर्टलिस्ट कर दिया। अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने बैंकों के निजीकरण की दिशा में अहम बैठक की।

इस मुद्दे पर कैबिनेट सचिव की अगुवाई में उच्चस्तरीय बैठक हुई । आपको बता दें कि बैंकों के निजीकरण के पहले चरण में सरकार बैंकों में अपनी 51 फीसदी की हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए कैबिनट सचिव की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें बैंकों के निजीकरण को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई। इस बैठक में विभिन्न नियामकीय और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार किया गया. इस बैठक के बाद अब बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के प्रस्ताव को मंत्री समूह या वैकल्पिक तंत्र के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
आपको बता दें कि बजट के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण की घोषणा की थी, जिसके बाद नीति आयोग ने विनिवेश के लिए इन दोनों बैंकों के नामों की सिफारिश की। नीति आयोग की सिफारिशों के बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए केंद्र सरकार अगला कदम उठा सकती है। आपको बता दें कि सरकार ने पहले भी बैंक कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि बैंकों के निजीकरण के कारण उनकी नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा।












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