Pepperfry : नहीं रहे पेपरफ्राई के सीईओ अंबरीश मूर्ति, दिल का दौरा पड़ने से निधन
CEO Ambareesh Murty no more: एक दुखद खबर बिजनेस की दुनिया से है। 'पेपरफ्राई' के सीईओ अंबरीश मूर्ति का लेह में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है, वो 51 वर्ष के थे। कंपनी के सहसंस्थापक आशीष शाह ने उनके निधन की पुष्टि की है, जिसके बाद उद्योग जगत में दुख की लहर है।

आपको बता दें कि अंबरीश मूर्ति ने 'पेपरफ्राई' की स्थापना 2012 में आशीष शाह के साथ की थी, इससे पहले, मूर्ति मार्च 2008 और जून 2011 के बीच ईबे, भारत, फिलीपींस और मलेशिया में कंट्री मैनेजर के रूप में कार्य कर चुके थे।
'लेह में दिल का दौरा पड़ने से उन्हें खो दिया'
आशीष शाह ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 'यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे दोस्त, गुरु, भाई, soulmate @अंबरीशमूर्ति अब नहीं है। कल रात लेह में दिल का दौरा पड़ने से उन्हें खो दिया। कृपया उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना करें। 🙏
'ट्यूटर्स ब्यूरो' की शुरुआत की थी
गौरतलब है कि अंबरीश मूर्ति ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से सिवल इंजीनियरिंग की बीई की पढ़ाई की थी और आईआईएम कोलकाता से एमबीए किया था। इन्हें शुरू से ही Entrepreneur बनने का शौक था। उन्होंने 'ट्यूटर्स ब्यूरो' नामक एक छोटा व्यवसाय स्थापित किया जो प्रतिभाशाली ट्यूटर्स को स्कूली छात्रों से जोड़ता था , उनका ये छोटा सा बिजनेस काफी लोकप्रिय हुआ था।
इबे के कंट्री मैनेजर थे अंबरीश मूर्ति
इसके बाद इन्होंने Cadbury India से अपने मैनजमैंट करियर की शुरुआत की थी, वो भी बतौर ट्रेनी, कंपनी ने इन्हें एरिया मैनेजर बनाया था, करीब पांच साल काम करने के बाद इन्होंने कैडबरी को छोड़ दिया और इसके बाद साल 2005 में ब्रिटानिया में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम करना शुरु किया था। इसके बाद ये इबे के कंट्री मैनेजर बने और फिर इन्होंने 2011 में आशीष शाह के साथ 'पेपरफ्राई' की शुरुआत की, जिसने बिजनेस की दुनिया में तहलका मचा दिया।
अंबरीश मूर्ति को ट्रैकिंग का शौक था
आपको बता दें शार्प दिमाग और मस्त मौला इंसान अंबरीश को ट्रैकिंग का शौक था, फिलहाल उनके यूं चले जाने से बिजनेस जगह शोक में डूब गया है। बहुत सारे लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है।












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