थोक महंगाई दर 10 साल के सबसे उच्च स्तर पर, मई में बढ़कर 15.88 फीसदी पर पहुंची
नई दिल्ली, 14 जून: देश में महंगाई ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीते महीने, मई 2022 में देश में थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) की दर 15.88 फीसदी रही है। थोक महंगाई दर ये 10 साल का सबसे उच्च स्तर है। 2012 के बाद पहली बार डब्ल्यूपीआई इस स्तर पर पहुंची है। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को महंगाई दर के ये आंकड़े जारी किए गए हैं।
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बीते 14 महीने से देश में थोक महंगाई दर लगातार दोहरे अंकों में हैं। बीते महीने अप्रैल, 2022 में थोक महंगाई की दर 15.08 प्रतिशत के स्तर पर और उससे एक महीने पहले मार्च में 14.55 प्रतिशत थी। आंकड़ों के साफ है कि बीते महीनों में महंगाई दर लगातार बढ़ती ही जी रही है।
मई, 2022 में मुद्रास्फीति की उच्च दर की वजह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मु्ख्य रूप से खनिज तेलों, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को माना है। मंत्रालय ने कहा है कि मिनरल ऑयल्स, क्रूड पेट्रोलियम और नैचुरल गैस, खाद्य वस्तुएं, बेसिक मेटल, गैर-खाद्य वस्तुएं, रसायन और रासायनिक उत्पादों की कीमतों में उछाल से मई में थोक महंगाई दर में बढ़ोतरी देखी गई। मई में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर अप्रैल के 8.88 प्रतिशत से बढ़कर 10.89 प्रतिशत पर पहुंच गई। सब्जियों की महंगाई दर जहां अप्रैल में 23.24 प्रतिशत थी, जो मई में बढ़कर 56.36 प्रतिशत हो गई।
खुदरा महंगाई के आंकड़े भी आए
इससे पहले सोमवार को सरकार ने मई महीने के खुदरा महंगाई के आंकड़े भी जारी कर दिए हैं। मई में खुदरा महंगाई दर 7.04 फीसदी रही है। अप्रैल 2022 से पहले उपभोक्ता मूल्य-आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) दर 7.79 प्रतिशत थी। जबकि मई में ये 7.04 प्रतिशत रही है।












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