SBI खाताधारकों के लिए बड़ी खबर: बदल गए ये 5 नियम, 42 करोड़ ग्राहकों की जेब पर असर

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया( SBI) ने ताबड़तोड़ नियमों में बदलाव किया है। 1 अक्टूबर से अब तक बैंक ने कई नियमों में बदलाव किया है। कुछ नियम जहां खाताधारकों के लिए फायदे के लिए हैं तो कुछ नियमों में बदलाव के बाद बैंक के 42 करोड़ खाताधारकों को झटका लगेगा। इन नियमों का सीधा असर बैंक के ग्राहकों पर होने वाला है। ये कुछ नियम आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं। आइए जानें उन नियमों के बारे में, जिनके बदलाव ने खाताधारकों को झटका लग सकता है।

 SBI खाताधारकों को लगेगा झटका

SBI खाताधारकों को लगेगा झटका

बैंक ने नया नियम लागू कर दिया, जिसका असर आपकी सेविंग पर पड़ने वाला है। एसबीआई ने सेविंग अकाउंट में जमा धन राशि पर कैंची चलाते हुए ब्याज दर में बदलाव कर दिया। नई ब्याज दर 1 नवंबर 2019 से लागू होगी। नए नियम के तहत SBI सेविंग अकाउंट में 1 लाख रुपए तक जमा धनराशि पर अब 3.25% ब्याज मिलेगा। बैंक ने ब्याज दर में 25 बेसिक प्वाइंट की कटौती की है। जो ब्याद अब तक 3.50 फीसदी थी उसे घाटकर 3.25% कर दिया गया। मतलब SBI के बचत खाते में निवेश करने वाले ग्राहकों को झटका लगेगा।

 SBI ने की ब्याज दर में कटौती

SBI ने की ब्याज दर में कटौती

एसबीआई ने सेविंग अकाउंट में जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज दर के साथ-साथ रिटेल और ब्‍लक एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर में भी कटौती की है। नए नियम के तहक एसबीआई ने 1 साल से दो साल तक की मैच्योरिटी वाली रिटेल और ब्‍लक एफडी पर मिलने वाले ब्‍याज दरों में कटौती की। बैंक ने रिटेल एफडी में मिलने वाले ब्याद कर में 0.10% की है। बैंक ने इसे 6.50 फीसदी से घटकर 6.40 फीसदी कर दिया है। मतलब आपके बचत पर बैंक ने कैंची चला दी है। आपको बता दें कि 2 करोड़ से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट रिटेल एफडी की श्रेणी में आती है।
वहीं बैंक ने रिटेल एफडी के साथ-साथ ब्‍लक एफडी की ब्‍याज दर में भी कटौती की है। SBI ने ब्लक FD की ब्याज दर में 0.30 फीसदी की कटौती की है। बैंक ने 6.30 फीसदी से घटाकर 6.00 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि 2 करोड़ या उससे ज्यादा की जमा राशि ब्‍लक एफडी के दायरे में आती है। नई ब्याज दर 10 अक्तूबर से प्रभावी हो गईं हैं।

लोन लेने वालों को भी झटका

लोन लेने वालों को भी झटका

बैंक ने न केवल ब्याज दरों में कटौती की बल्कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेने वाले ग्राहकों को भी झटका दिया। SBI ने लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए प्रोसेसिंग फीस में बदलाव किया और फ्री लोन प्रोसेसिंग की सुविधा खत्म कर दी है। फ्री प्रोसेसिंग फीस की सुविधा खत्म होने के बाद अब बैंक लोन, टॉपअप करवाने पर भी आपको प्रोसेसिंग फीस देने पड़ेगी। आपको बता दें कि बैंक ने फेस्टिव सीजन में खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर मुफ्त लोन प्रोसेसिंग स्कीम लागू की थी। बैंक ने एक आंतरिक सर्कुलर जारी करते हुए कहा है फेस्टिव सीजन में प्रोसेसिंग फीस को माफ करने का ऑफर 16 अक्टूबर से फ्री प्रोसेसिंग फीस का ऑफर खत्म हो जाएगा।
हालांकि बैंक ने एमसीएलआर की दरें 0.10 फीसदी तक घटा दी हैं, जिसकी वजह से होम लोन,ऑटो लोन सस्ता हो गया है।

 नकद जमा करने का नियम बदला

नकद जमा करने का नियम बदला

एसबीआई ने बैंक खाते में नकद जमा करने की सीमा निर्धारित कर दी है। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक खाताधारक महीने में 3 बार और साल में 36 बार अपने खाते में बिना किसी शुल्क के नकद जमा कर सकते हैं। इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन के लिए उन्हें 50 रुपए प्लस GST का शुल्क चुकाना होगा।

 कैश निकालने की सीमा तय

कैश निकालने की सीमा तय

बैंक ने न केवल कैश जमा करने बल्कि खाते से कैश निकाल ने की सीमा भी निर्धारित कर दी है। अगर आप इस नियम का पालन नहीं करते हैं तो आपको पेनेल्टी देनी पड़ेगी। नए नियम के तहत आप अपने खाते से हर माह 2 बार बिना किसी शुल्क दिए पैसे निकाल सकते हैं। प्रति माह 2 और साल में 24 बार आप अपने खाते से मुफ्त कैश निकाल सकते हैं। वहीं इसके साथ-साथ SBI ने एटीएम से कैश निकालने की सीमा निर्धारित कर रखी है, जिसके तहत आप महीने में 5 बिना कोई शुल्क दिए एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं।

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