Vibrant Gujarat Summit 2026: गुजरात बना भारत की ग्रोथ इंजन, अडानी ग्रुप का कच्छ पर ₹1.5 लाख करोड़ का मेगा दांव
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2026 ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि गुजरात आज भारत की आर्थिक वृद्धि का सबसे मजबूत इंजन बन चुका है। समिट में अडानी ग्रुप ने राज्य के औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सफर के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बड़े निवेश का ऐलान किया।
समिट को संबोधित करते हुए अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि दीर्घकालिक विज़न, स्थिर शासन और बड़े पैमाने पर विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है।

करण अडानी ने गुजरात को अडानी ग्रुप की विकास यात्रा की नींव बताते हुए कहा कि शुरुआती वर्षों से लेकर आज देश के अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा समूह बनने तक, गुजरात की भूमिका केंद्रीय रही है। उन्होंने कच्छ के मुंद्रा को ग्रुप की कर्मभूमि बताते हुए कहा कि यह आज भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह बन चुका है, जो एक पूर्णतः एकीकृत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो चुका है। समय के साथ मुंद्रा एक बड़े औद्योगिक इकोसिस्टम में तब्दील हुआ है, जहां लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स संचालित हो रहे हैं।
अपने संबोधन में करण अडानी ने कच्छ के खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 37 गीगावॉट की प्रस्तावित क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है। उनके मुताबिक, खावड़ा भारत की उस महत्वाकांक्षा का प्रतीक है, जिसके तहत देश वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करते हुए ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहता है। यह परियोजना दिखाती है कि आर्थिक विकास, पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु जिम्मेदारी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
कच्छ में ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश
गुजरात में संभावनाएं अपार
गुजरात की विकास क्षमता पर भरोसा जताते हुए अडानी ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में कच्छ क्षेत्र में ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की। यह निवेश रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के विस्तार, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तथा औद्योगिक विकास पर केंद्रित होगा। इसके साथ ही, अगले एक दशक में मुंद्रा पोर्ट की क्षमता को दोगुना करने की योजना भी घोषित की गई है, जिससे भारत की व्यापार और लॉजिस्टिक्स ताकत और मजबूत होगी।
करण अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप का हर निवेश भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं-रोज़गार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, स्थिरता और दीर्घकालिक मजबूती-के अनुरूप है। उन्होंने नीति स्थिरता और सहकारी संघवाद की भूमिका को भी सराहा, जिसके चलते गुजरात आज निष्पादन-आधारित विकास का मानक बन चुका है।
2047 में विकसित भारत के दृष्टिकोण का साझीदार
अपने संबोधन के अंत में करण अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर देश की यात्रा में एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। गुजरात को अपनी रणनीति के केंद्र में रखते हुए ग्रुप एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सम्मानित भारत के निर्माण में योगदान देता रहेगा।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2026 ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि सतत निवेश, संस्थागत मजबूती और सार्वजनिक-निजी साझेदारी भारत की अगली विकास गाथा की नींव रख रही है।












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