ज्यादातर अंगूर से ही क्यों बनती है वाइन? जानिये इसके पीछे जिम्मेदार तीन कारण...
वाइन बनाने के लिए सबसे ज्यादा अंगर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। अंगूर में जिंगी एसिडिटी होती है, जो वाइन में शुगर कंटेंट बरकरार रखने में मदद करती है।

Why wine made with grapes? शराब की जब भी बात आती है, तो वाइन की चर्चा सबसे ज्यादा होती है। वाइन सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला पेय है। भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में वाइन के शौकीन लोगों में कोई कमी नहीं है। वाइन को लेकर लोगों में तरह-तरह के मिथ होते हैं। बीते दिनों हमने वाइन के टेस्ट और इसकी गुणवत्ता के साथ-साथ एक्सपायरी के बारे में चर्चा की थी। आज हम बात करेंगे कि आखिर वाइन अंगूर से ही क्यों बनाई जाती है?
वाइन बनाने के लिए वैसे तो सेब, चीकू, प्लम, चेरी और भी कई तरह के फलों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इन सब फलों में अंगूर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। ऐसे में आइये जानते हैं कि वाइन बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल अंगूर का किया जाता है। इसके पीछे एक नहीं बल्कि हजारों कारण हैं।
सबसे पहले बात करते हैं फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के बारे में। Sonal Holland बताती हैं कि शराब बनाने के लिए अन्य फलों की तुलना में अंगूर में ज्यादा चीनी होती है। अंगूर का मीठापन ही है, जो इसे वाइन बनाने के लिए परफेक्ट फ्रूट बनाता है। इसके अलावा अंगूर में जिंगी एसिडिटी होती है, जो वाइन में शुगर कंटेंट बरकरार रखने में मदद करती है।
तीसरी बात ये कि अंगूर के छिलकों में टैनिन होता है, जो वाइन के स्ट्रक्चर को और बेहतर बनाता है। इसके अलावा अंगूर के छिलके वाइन को बढ़िया कलर भी देते हैं। कई बार वाइन में आर्टिफिशियल शुगर मिलाने की जरूरत होती है। लेकिन अंगूर में मौजूद नेचुरल शुगर की वजह से इसमें आर्टिफिशियल शुगर मिलाने की जरूरत नहीं होती।
वाइन के लिए अंगूर सबसे लोकप्रिय फल है। ऐसे में अंगूर की इन्हीं क्वालिटीज की वजह से इसे वाइन के लिए सूटेबल बनाता है। अंगूर का मीठा खट्टा स्वाद वाइन को परफेक्ट टेस्ट देने के लिए बढ़िया होता है। काले अंगूर के छिलकों में मौजूद टैनिन की वजह से जब भी हम वाइन पीते हैं तो हमारे मुंह में एक अलग सी टेस्ट सेंसेशन होती है।












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