कुप्रथा के नाम पर बेहिसाब दर्द... बच्चियों से होती है बेरहमी, जानें क्या होता है महिलाओं का खतना?
Woman Khatna: फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन, खफ्ज या फिर खतना... ये सिर्फ शब्द ही नहीं हैं बल्कि दर्द है उन तमाम महिलाओं का, जिन्हें अकसर इस दर्दनाक प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। खतना शब्द से तो आप परिचित ही होंगे मगर महिलाओं के साथ की जाने वाली ये कुप्रथा पुरुषों के मुकाबले बेहद अलग होती है।
दर्दनाक होता है खतना
ये एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसे प्रथा का नाम देकर तमाम बच्चियों को असहनीय दर्द दिया जाता है। कई मामलों में बच्चियों के 5 साल के होने से पहले ही ये शुरू कर दिया जाता है। पुरुषों के मुकाबले ये महिलाओं में 100 गुना ज्यादा भयानक और खतरनाक होता है और इससे उन्हें कई तरह के इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या होता है ये?
हम बात कर रहे हैं फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन की, जिसे सामान्य बोलचाल की भाषा में खतना कहा जाता है। कई लोग ऐसा मानते हैं कि ये एक विदेशी कॉन्सेप्ट है और भारत में तो ये होता ही नहीं है। मगर ये एक सबसे बड़ा मिथक है कि भारत में ये नहीं होता। देश के हाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय की महिलाएं आज भी इस भयानक दर्द को झेल रही हैं।
खफ्ज, खतना या म्यूटिलेशन
पुरुषों के खतने की तरह ये नहीं होता। पुरुषों के मामले में वे ऐसा कर कई तरह के इंफेक्शन से बच जाते हैं मगर महिलाओं के सेहत पर इसका बिल्कुल उल्टा असर पड़ता है। इससे उन्हें कई तरह की गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। धार्मिक भाषा में इस खतने को खफ्ज कहा जाता है। वे धार्मिक किताब दैम-उल-उस्लाम पर आधारित है।
कैसे किया जाता है महिलाओं का खतना?
इसमें क्लिटोरिस के ऊपरी हिस्से को हटा दिया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कई मामलों में तो पूरी की पूरी आउटर वेजाइना को ही हटा दिया जाता है। इस प्रोसेस में न सिर्फ क्लिटोरिस को अलग किया जाता है, बल्कि इनर लीबिया को भी हटा दिया जाता है।
दर्दनाक होती है खतने की प्रक्रिया
वेजाइन की चमड़ी को स्केलपेल, ब्लेड या फिर कैंची की मदद से काटा जाता है। इसके बाद खून बहने पर एक एक कर इन एरिया को बांधा जाता है। इस भयानक प्रक्रिया को अंजाम देने वाले कोई प्रोफेशनल चिकित्सक नहीं होते बल्कि कोई मिड वाइफ या फिर नॉन मेडिकल नर्स ही होती है।
क्यों होता है महिलाओं पर ये जुल्म?
अब आप जाहिर तौर पर ये सोच रहे होंगे कि ऐसा किया क्यों जाता है... तो बता दें कि अकसर महिलाओं में सेक्सुअल प्लेजर को कम करने के लिए खतना किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि खतना करने से उनकी यौन उत्तेजना कंट्रोल में रहेगी। मगर कई लड़कियों के लिये ये जिंदगी भर की सजा बन जाता है।
नर्क बन जाती है जिंदगी
खतना के बाद लड़कियों को न सिर्फ यूरिन पास करने में परेशानी होती है बल्कि दर्द भरे पीरियड्स भी होते हैं। इतना ही नहीं बच्चा पैदा करते हुए भी कई सारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। Unicef की रिपोर्ट मानती है कि इसकी वजह से हैमरेज, शॉक, इंफेक्शन, एचआईवी ट्रांसमिशन, यूरिनरी रिटेंशन और बेहिसाब दर्द भी हो सकता है।












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