Near Death Experience : महिला का दावा- 14 मिनट के लिए मौत हुई, 'स्वर्ग' में 5 साल बिताकर धरती पर वापस लौटी !
अजीबो-गरीब दुनिया में कई वाकये ऐसे होते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल है। लिंडा क्रैमर नाम की इस महिला का दावा है कि 14 मिनट तक मृत रहने के दौरान उसने पांच साल स्वर्ग में बिताए और वापस जिंदा हो गई। जानिए पूरा मामला

मेडिकल पैमानों पर 14 मिनट तक मृत रहने के बाद एक महिला का दावा है कि उसने 'पांच साल स्वर्ग में' बिताए हैं। डॉ लिंडा क्रैमर ने अपना Near Death Experience का ज्वलंत स्मरण शेयर किया है। यूट्यूब चैनल एनडीई डायरी (NDE Diary) पर शेयर की गई करीब 28 मिनट की वीडियो के आधार पर मिरर की रिपोर्ट में यह अजीबो-गरीब कहानी शेयर की गई है। जानिए महिला के दावे

21 साल पहले की अजीब घटना
दरअसल, डॉ लिंडा क्रैमर नाम की महिला के बारे में मिरर की रिपोर्ट में कहा गया कि उनका मेडिकल रिकॉर्ड बताता है कि वह 14 मिनट से अधिक समय तक चिकित्सकीय रूप से मृत थीं। मौत के दौरान महिला का दावा है कि उसने मृत्यु के बाद 'माउंट एवरेस्ट से 30,000 गुना बड़ा पर्वत' देखा। अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उसके साथ 21 साल पहले अजीबो-गरीब घटना हुई।

मौत के बाद रूप बदलने में सक्षम बनीं
डॉ. लिंडा क्रैमर 6 मई, 2001 को सुबह मेडिकल पैमानों पर 'मृत' मानी गईं। उन्होंने कहा, मौत से पहले वह बाथरूम के रास्ते में थीं। जीवित बचने के बाद महिला ने कमाल के अनुभव साझा किए हैं। दावा किया है कि उसने एक अनुभव हासिल किया जो पांच साल लंबा लगा। यूट्यूब पर एनडीई डायरी चैनल पर करीब आधे घंटे के इंटरव्यू में डॉ क्रैमर दावा करती हैं कि वह अपने शरीर पर काम कर रहे पैरामेडिक्स से ऊपर कुछ अनुभव कर रही थीं। उस जीवन में वह अपनी पसंद का कोई भी रूप बदल सकती थीं।

एवरेस्ट की तुलना में 30,000 गुना बड़ी पर्वत श्रृंखला
डॉ लिंडा क्रैमर पूरी वीडियो में ऐसे आकर्षक स्थलों के बारे में बताती हैं, जिनमें कई चीजों का पृथ्वी पर मुकाबला नहीं किया जा सकता था। अनुभव के बारे में डॉ क्रैमर कहती हैं कि मौत के समय उन्होंने खुद को फूलों के क्षेत्र में खड़ा पाया। मैं माउंट एवरेस्ट की तुलना में 30,000 गुना बड़ी पर्वत श्रृंखला देख पा रही थी। बकौल डॉ क्रैमर, "मैं जहाँ भी थी, उसके पीछे एक विशाल पर्वत श्रृंखला थी। मैं गगनचुंबी इमारतें देख सकती थी। वहां दुबई की तुलना में छोटी-छोटी झोपड़ियों जैसा कुछ था। मैंने झीलें देखीं। सब कुछ मनोरम था। वहां लोगों के साथ बातचीत भी की।

मरने से पहले मतिभ्रम या कुछ और ?
डॉ लिंडा क्रैमर के प्रकरण पर यूट्यूब चैनल- एनडीई डायरी ने लिखा: "कुछ लोग मृत्यु के निकट के अनुभवों (Near Death Experience alias NDE) को सपने या मरने वाले मस्तिष्क के मतिभ्रम के रूप में खारिज करते हैं। हालांकि, लोगों में आम तौर पर एक ही प्रकार के मतिभ्रम नहीं होते हैं। इसके उलट Near Death Experience के अनुभवों का वर्णन उल्लेखनीय रूप से संस्कृति और समय के अनुरूप है।"
नीचे देखें लिंडा क्रैमर की पूरी वीडियो---
वैज्ञानिकों के क्या तर्क हैं
इस बीच, न्यूरोसाइंटिफिक रिसर्च के हवाले से कहा गया है कि एनडीई या Near Death Experience एक ऐसी घटना है जिसका कारण 'परेशान शारीरिक मल्टीसेन्सरी इंटीग्रेशन' (disturbed bodily multisensory integration) है। ऐसा आम तौर पर जीवन पर खतरा पैदा होने वाली घटनाओं के कारण होता है। हालांकि, लोग कई तरह के अनुभवों को महसूस करने की रिपोर्ट करते हैं। इसमें कुछ सकारात्मक, जबकि कुछ नकारात्मक होती हैं। NDE की सामान्य विशेषताओं में मृत रिश्तेदारों और धार्मिक आंकड़ों के दर्शन और बाहरी शरीर के अनुभव शामिल होते हैं।












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