Kuno Cheetah: तो ये है चीतों का पसंदीदा खाना, नामीबिया से आए लेपर्ड्स के मेन्यू में भी रखी गई थी स्पेशल डिश
Cheetah Food: कूनो नेशनल पार्क में चीते के शावक पैदा होने के बाद ये चर्चा में बना हुआ है। इस बीच चीतों के पसंदीदा खाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। आइये जानते हैं चीतों के रहन-सहन और इनके पसंदीदा खाने के बारे में...

Cheetah In Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क ही वो जगह है, जहां से करीब सात दशक बाद भारत मे चीतों के पैर पड़े। बीते दिनों खबर आई कि नामीबिया से लाए गए चीतों में एक मादा चीता ने अपने प्राण त्याग दिए। बताया जा रहा था कि उस मादा चीता की किडनी खराब थी, जिसके बाद उसका इलाज किया जा रहा था। लेकिन लगातार कुछ ना खा सकने और तबीयत और बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद फिर खबर आई कि पूरे 70 सालों के बाद चीते के चार शावक पैदा हुए। जिसके बाद खुशी की लहर दौड़ गई। साल 1952 में सरकार द्वारा विलुप्त घोषित किए गए चीतों को लेकर अब लगातार अच्छी खबरें ही सामने आ रही हैं। ऐसे में लोगों के दिमाग में चीतों के रहन सहन औऱ खाने पीने को लेकर कई तरह के सवाल उठते हैं। चलिये जानते हैं चीतों को किस तरह रखा जाता है और खाने में कौन सी चीजें इन्हें सबसे ज्यादा पसंद होती है।
चीतों को कैसे रखा जाता है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का मौका था जब नामीबिया से आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया। इस दौरान जो सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा, वो था चीतों का खाना-पीना। लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठ रहे थे कि आखिर चीतों को रखा कैसे जाता है और उन्हें खाने में क्या-क्या दिया जाता है। इस बीच चीतों के पसंदीदा भोजन में भी लोग खूब दिलचस्पी ले रहे थे।
ये है चीतों का पसंदीदा मेन्यू
बताते चलें कि चीतों के मेन्यू में जिस खाने की खूब चर्चा रही, वो था चीतल। जी हां! कूनो में चीतों को शिफ्ट करते वक्त छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क से चीतल की खेप भी कूनो पहुंची थी। चीतल चीतों का मनपसंद भोजन है। इसके अलावा चीतों को हिरण, श्वान और वन्य जीव भी काफी पसंद होते हैं। कूनो की बात की जाए, तो यहां चीतों के लिए बहुत कुछ है। जैसे कि चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सुअर, चिंकारा, चौसिंघा, ब्लैक बक, ग्रे लंगूर, लाल मुंह वाले बंदर, भालू, शाही, सियार, गोल्डेन सियार, बिल्लियां और मंगूस जैसे कई जीव मौजूद हैं।
ग्रासलैंड में रहते हैं चीते
कूनो नेशनल पार्क में चीतों को खाने के लिए किसी भी तरह की कमी नहीं है। यहा सबसे ज्यादा चीतल पाए जाते हैं। बाकी इनके रहन सहन की बात की जाए, तो चीतों को ग्रासलैंड में रहना ज्यादा पसंद होता है। ग्रासलैंड का मतलब होता है थोड़े ऊंची घास वाले मैदान। चीतों को घने जंगलों में रहना नहीं पसंद और इसका कारण शिकार होता है। घने जंगलों में चीते शिकार नहीं कर पाते। दौड़ने के लिए उन्हें खुले मैदानों की जरूरत होती है।
इतने एरिया में फैला कूनो
मौसम की बात की जाए, तो चीतों को थोड़ा सूखा मौसम ही भाता है। साथ ही उनके रहने वाली जगह में इंसानों की कम पहुंच होनी चाहिए। कूनो की बात करें, तो ये नेशनल पार्क 3200 वर्ग किलोमीटर में फैला है। पार्क के बीच में कूनो नदी भी बहती है। यहां का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। इलाके में सालभर में 760 मिलीमीटर बारिश होती है।












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