रोबोट है या फिर जीता जागता इंसान! हंस कर देता है रिस्पांस, जानिए क्या कहते हैं साइंटिस्ट?
नई दिल्ली, 18 सितंबर। नई टेक्नोलॉजी से दुनिया में असंभव का शब्द को निरर्थक साबित कर दिया है। वैज्ञानिकों ने अब जो रोबोट तैयार किया है वो इंसानो की कॉपी है। रोबोट एरिका से अगर सामना हो तो एक बार कोई भी शख्स इसके इंसान होने का धोखा खा सकता है, क्योंकि ये वो रोबोट है जिसमें हंसने से लेकर शर्मिंदा होने तक की सारी कलाएं मौजूद है। आइए जानते हैं कि इस खास रोबोट की तकनीकी को लेकर इसके निर्माता साइंटिस्ट क्या कहते हैं?

जापानी साइंटिस्ट्स ने बनाया खास रोबोट
जापान में क्योटो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने एरिका नाम के रोबोट के लिए कृत्रिम इंटेलीजेंस सिस्टम विकसित किया है। जिसके कारण रोबोट मनुष्यों जैसा हाव भाव दिखाने में सक्षम हो जाएगा। इस खास रोबोटिक सिस्टम को लेकर हाल ही में फ्रंटियर्स इन रोबोटिक्स और एआई स्पोकन पत्रिका में एक आर्टिकल प्रकाशित हुई थी। इस एरिका रोबिटिक सिस्टम के शोध के सहायक संपादक दिवेश लाला के साथ न्यूज प्लेटफॉर्म हिंदुस्तान टाइम्स ने एक इंटरव्यू लिया, जिसमें इस खास रिसर्च की तकनीकी को लेकर जानकारी साझा की गई है।

मानव जैसा एरिका रोबोट
जापान के क्योटो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इसमें काफी हद से सफल हो पाए हैं। माना ये जा रहा है कि यह रोबोट दुनिया का पहला रोबोट होगा जो करीब- करीब मनुष्यों की तरह व्यवहार करेगा। रोबोट को सही समय पर हंसाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम काम कर रही है। रोबोट रिस्पॉन्स सही समय पर हो इसके लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। अब तक अधिकांश रोबोटों में हंसने की क्षमता नहीं है।

रोबोट में क्या है नया?
जब कोई व्यक्ति एरिका रोबोट के साथ बातचीत के दौरान हंसता है, तो मॉडल तय करता है कि रोबोट को उस व्यक्ति के साथ हंसना चाहिए कि नहीं। और अगर हंसना चाहिए तो किस तरह से। सामान्य रुप से मुस्कुराना या फिर ठहाके मार के हंसना। दिवेश लाला के अनुसार रोबोट इस बात का एनालिसिस करता है कि हंसी कैसी लगती है। इस मॉडल को रोबोट के अंदर प्रोग्राम किया है, ताकि यह लोगों के साथ बात करते समय हंस सके।

हंसी की कला सिखा रहे साइंटिस्ट
नए एआई सिस्टम को हंसी की कला सिखाई जा रही है। सिस्टम को ऐसे अपडेट किया जा रहा है कि एरिका खुल कर हंसने और शर्मिंदा होने पर हंसने के लिए तैयार हो। मतलब हंसी के सभी पैटर्न के लिए जाए हो हल्की सी स्माइल हो या फिर जोरों का ठहाका। इसके साथ ही वैज्ञानिक एक ऐसी तकनीक की खोज करने वाले हैं जो रोबोट में भी इमोशन भी पैदा कर सके।

क्या कहते हैं साइंटिस्ट?
फ्रंटियर्स इन रोबोटिक्स और एआई में प्रकाशित शोध के प्रमुख लेखक क्योटो विश्वविद्यालय के डॉ कोजी इनौ ने कहा, "हमें लगता है कि एआई तकनीक कई जरूरी कामों को करने में मदद पहुंचाएगी। इनौ और उनके सहयोगी अपने एआई सिस्टम को हंसी की कला पर कार्य कर रहे हैं। रोबोट बनाने वाली टीम के अनुसार, विश्वविद्यालय के छात्रों और रोबोट के बीच 80 से ज्यादा की स्पीड में कम्यूनिकेशन ट्रेनिंग के डेटा एकत्र किए गए हैं। रिसर्चर का मानना है कि "इस काम में सबसे बड़ी चुनौती ये तय करना था कि हमारे एआई सच्ची हंसी हंस रहे हैं या नकली। मतलब रोबोट के हंसने की वजह और वक्त सही है या फिर गलत। रोबोट सामने वाले के हंसने पर हंस कर सही समय पर रिसपॉन्स कर रहा या फिर नहीं ये भी तय करना आवश्यक था।"












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