बिना नोटिस के नौकरी से निकाला, फिर शख्स ने लगाया कमाल का जुगाड़... कंपनी को पड़ गए लेने के देने
हाल के दिनों में दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों में छंटनी के चलते बड़ी संख्या में लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। कुछ जगहों पर नई नौकरी खोजने के लिए समय दिया गया, तो कहीं बिना किसी सूचना के ही कर्मचारियों को हटा दिया गया।
अब ऐसे ही एक शख्स ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर लिखी है, जिसे उसकी कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया। हालांकि इस शख्स ने भी कंपनी को सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

'TulThrowMeAway' नाम के रेडिट यूजर ने अपनी कहानी में बताया, 'मुझे हाल ही में उस नौकरी से निकाल दिया गया, जहां मैं कंपनी से दूर रहकर काम कर रहा था। एचआर ने मुझसे वीडियो कॉल पर बात की और जैसे ही कॉल कटी, कंपनी से संबंधित मेरे सारे एक्सेस बंद कर दिए गए। ना मुझे कंपनी में किसी से गुडबाय कहने का वक्त दिया गया और ना ही लैपटॉप से मुझे मेरी पर्सनल फाइल लेने का मौका दिया गया। हां, कंपनी ने ये जरूर बताया कि मुझे उनका लैपटॉप कूरियर करना होगा।'
शख्स ने आगे लिखा, 'मैंने पहले भी कई कंपनियों में काम किया, जिन्होंने लैपटॉप के लिए या तो प्री-पेड बॉक्स भेजा या फिर कहा कि आप लैपटॉप रख लीजिए। लेकिन, ये कंपनी चाहती थी कि मैं अपना वक्त बर्बाद कर उनके लैपटॉप की पैकिंग करूं और फिर इसके बाद उसे कूरियर करूं। उन्होंने मुझे अपने शिपिंग अकाउंट का कोड भेजा और कहा कि इसके जरिए मैं लैपटॉप कूरियर का भुगतान कर सकता हूं। लेकिन, पूरे शहर में घूमने पर भी कोई ऐसी कूरियर कंपनी नहीं मिली, जहां उनका ये कोड काम करे। मैंने जब अपनी कंपनी को इस बात की जानकारी दी, तो वो बोले कि आप अपनी जेब से भुगतान कर दीजिए, हम आपको वो रकम बाद में वापस कर देंगे।'
शख्स ने ऐसे सिखाया कंपनी को सबक
अपनी पोस्ट में शख्स ने लिखा, 'अब मैंने तय कर लिया कि इन्हें सबक सिखाना जरूरी है। और, इसके लिए एक कमाल का आइडिया सोचा। मैंने सबसे महंगी कूरियर कंपनी को चुना, लैपटॉप को पैक किया और पैकिंग में सपोर्ट के तौर पर बाथरूम की कुछ टाइल्स रख दीं। इससे पैकेट काफी भारी हो गया और मैंने इसे कंपनी के पते पर कूरियर कर दिया। इसके बाद मैंने माऊस और पावर चार्जर को भी अलग-अलग पैक किया और उनमें भी वजन बढ़ाने के लिए कुछ ना कुछ रख दिया।
शख्स ने बताया, 'इससे हुआ ये कि जो लैपटॉप 500 डॉलर (41500 रुपए) का था, अब उसे कूरियर करने की लागत 840 डॉलर (70000 रुपए) हो गई। कंपनी ने जैसा कहा, वैसे मैंने किया। हो सकता है कि कंपनी को इससे सबक मिले और वो कर्मचारियों को इस तरह परेशान करने से बाज आए।' शख्स ने बाद में बताया कि लैपटॉप कूरियर करने में उसका जो खर्चा हुआ था, कंपनी ने वो रकम उसे भेज दी है।












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