खुद का मालिक हूं, हर महीने 80 हजार कमाता हूं...बेंगलुरु राइडर के दावों ने Paytm CEO को भी चौंकाया!
Bengaluru Rider Video Viral: कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी करने वालों के लिए सबसे खतरनाक 'क्रॉस कटिंग' माना जाता है। हाल ही में, एक ऑन-डिमांड ब्यूटी सर्विस प्लेटफॉर्म Yes Madam कंपनी ने 100 वर्कर्स को निकाल दिया। ऐसे में सोलह मीडिया पर एक बेंगलुरु बाइक राइडर का वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
जिसमें बाइक राइडर दावा करता है कि वह Uber और Rapido के जरिए हर महीने 80,000 रुपये तक कमा लेता है। यह वीडियो इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है और लाखों लोग इसे देख चुके हैं।

राइडर की कहानी: मेहनत से आर्थिक स्थिरता तक
इस वीडियो में राइडर यह बताते हुए नजर आता है कि वह रोजाना 13 घंटे काम करता है और अपनी कड़ी मेहनत से इस प्रभावशाली आय को हासिल करता है। वीडियो में एक शख्स, जो बातचीत कर रहा है, यह सुनकर चौंक जाता है और कहता है, "इतना तो हम लोग नहीं कमा पाते भैया!"
इस कहानी ने गिग इकॉनमी में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए संभावित कमाई के अवसरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। खासकर बेंगलुरु जैसे शहरों में, जहां तेज और सस्ती यात्रा सेवाओं की मांग अधिक रहती है, यह एक महत्वपूर्ण चर्चा बन गई है।
Paytm CEO का रिएक्शन
पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए भारत की गिग इकॉनमी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल इंडिया का वह पहलू है, जिस पर दुनिया गर्व करती है। उन्होंने इसे एक 'स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली क्रांति' कहा। शर्मा ने आगे लिखा कि यह डिजिटल सेवाओं का इकोसिस्टम है, जहां कड़ी मेहनत और गर्व से लोग बेहतर भारत का निर्माण कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर मिल रहे ऐसे रिएक्शन!
वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे गिग इकॉनमी की ताकत मान रहे हैं, तो कुछ ने इस बात पर चिंता जताई कि 13 घंटे काम करना स्वास्थ्य और जीवनशैली पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। एक यूजर ने लिखा कि यह मेहनत का फल है, जो इस शख्स को आर्थिक स्थिरता दे रहा है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे 'फेक दावे' करार देते हुए कहा कि यह कहानी वास्तविक नहीं लगती।
गिग इकॉनमी का महत्व
ऑनलाइन राइड-हेलिंग सेवाएं, जैसे उबर, रैपिडो, और अन्य प्लेटफॉर्म, भारत की शहरी अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रही हैं। ये न केवल सवारियों के लिए किफायती सेवाएं प्रदान करती हैं, बल्कि ड्राइवरों को एक प्रतिस्पर्धात्मक आय अर्जित करने का मौका भी देती हैं।
क्या सिखाती है यह कहानी?
यह कहानी इस बात को उजागर करती है कि कड़ी मेहनत और लगन से गिग इकॉनमी में भी आर्थिक स्थिरता पाई जा सकती है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि लंबे घंटों तक काम करने के दौरान स्वास्थ्य और जीवन शैली का ध्यान रखा जाए।
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