करोड़ों में दुर्लभ केस: 12 सेमी लंबी पूंछ के साथ जन्मा बच्चा, डॉक्टरों ने इस तरह नवजात को बनाया 'इंसान'
नई दिल्ली, 06 नवंबर: विज्ञान का मानना है कि, बंदर इंसानों के पूर्वज है। हालांकि इंसानों और बंदर के बीच असमानताएं मौजूद हैं। इसमें सबसे अहम होती बंदरों की पूंछ। लेकिन लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील में एक बच्चा 12 सेंटीमीटर लंबी पूंछ के साथ जन्मा है। इस बच्चे की पूंछ के अंतिम हिस्सा किसी क्रिकेट बॉल की तरह गोल था। बच्चे का जन्म करवाने वाले डॉक्टरों ने बताया कि मानव पूंछ के साथ पैदा होना अत्यंत दुर्लभ घटना है। वैज्ञानिक इस ह्यूमन टेल यानी मानवीय पूंछ कह रहे हैं। ब डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद इस पूरे हिस्से को निकाल दिया है।

अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखे थे पूंछ के सबूत
इस मामले को जर्नल ऑफ पीडिअट्रिक सर्जरी केस में पब्लिश किया गया। इसी में घटना से जुड़ी तस्वीरें भी शेयर की गई हैं। बच्चे का जन्म ब्राजील के उत्तर पूर्व में स्थित तटीय शहर फोर्टालेजा के अल्बर्ट सबिन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में हुआ था। यह घटना जनवरी 2021 की बताई जा रही है। यह बच्चा समय से पहले ही लगभग 35 हफ्ते के गर्भ के बाद पैदा हुआ था। अल्ट्रासाउंड स्कैन के बाद बच्चे के नर्वस सिस्टम से पूंछ से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले थे।
फोटो साभार: sciencedirect.com

12 सेमी लंबी पूंछ के साथ बच्चे का हुआ जन्म
वैज्ञानिक इसे 'चेन एंड बॉल' कह रहे हैं। जन्म के समय ही 12 सेमी की पूंछ थी, बाद में 4 सेमी वाले व्यास (गोलाकार) की आकृति सामने आई। बच्चे के पैदा होने के बाद उसकी अजीब शारीरिक बनावट को देखते हुए डॉक्टरों की एक टीम ने ऑपरेशन कर उस पूंछ को सफलतापूर्वक निकाल दिया। डॉक्टरों ने बताया कि गर्भधारण के चार से आठ सप्ताह के बीच सभी बच्चे के भ्रूण में एक पूंछ विकसित होती है, लेकिन बाद में वह सामान्य रूप से शरीर में समा जाती है। लेकिन, अत्यंत दुर्लभ मामलों में, ऐसा नहीं होता है और पूंछ बढ़ती रह सकती है।

ऑपरेशन से हटाई गई बच्चे की पूंछ
इस बच्चे की जांच करने वाले डॉक्टरों ने पाया किया कि पूंछ में कॉर्टिलेज और हड्डी का कोई हिस्सा नहीं पाया गया। आज तक इतिहास में ऐसे कुल 40 मामले सामने आये हैं। जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा पहला मामला 19वीं शताब्दी में देखने को मिला था। भी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पूंछ को हटाने का क्या कारण था। क्या बच्चा इस पूंछ के कारण दर्द और परेशानी का सामना कर रहा था या फिर उसके परिवार के लोगों ने इस ऑपरेशन के लिए अनुरोध किया था।

डॉक्टरों ने अपने जीवन में ऐसा पहला मामला देखा
बताया जाता है कि इंसानों ने आज से 2 करोड़ साल पहले अपने पूर्वजों यानी बंदरों से मिली पूंछ को खो दिया था। हालांकि कभी कभी रेयर सिंड्रोम के चलते ऐसे अत्यंत ही दुर्लभ मामले देखने को मिलते हैं। उस अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों ने जीवन में ऐसा पहला केस देखा था। डॉक्टर इसे एक आश्चर्य से कम नहीं मान रहे हैं।












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