पंजाब की जेल में 50 किलो नींबू का घोटाला आया सामने, जांच के बाद जेल सुपरिंटेंडेंट सस्पेंड
नई दिल्ली, मई 07। कुछ दिन पहले तक देश में नींबू की कीमतें 200 रुपए किलो के पार चली गई थीं। उस वक्त नींबू की आसमान छूती कीमतों की वजह से एक आम आदमी के लिए नींबू खरीद पाना बहुत मुश्किल हो गया था। कई जगहों से नींबू के चोरी होने की भी घटनाएं सामने आई थीं, जो काफी चौंकाने वाली थी, लेकिन इस बीच पंजाब के कपूरथला मॉर्डन जेल से नींबू का घोटाला सामने आया है, जिसमें जेल के एक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

50 किलो नींबू का हुआ घोटाला
दरअसल, यह मामला 50 किलो नींबू की खरीद से जुड़ा है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जेल के अधिकारी ने हिसाब में 50 किलो नींबू की खरीद दिखाई थी, लेकिन जेल के कैदियों को खाने में नींबू नहीं दिया जा रहा था। इस घोटाले पर से पर्दा उस वक्त उठा जब पूरे मामले की जांच की गई। जांच में पता चला कि जेल के अधिकारी ने राशन के रिकॉर्ड में 50 किलो नींबू की खरीद दिखाई थी, लेकिन कैदियों ने कहा कि उन्हें खाने में कोई नींबू नहीं मिलता।

कैसे घोटाले से उठा पर्दा?
आपको बता दें कि इस घोटाले के बारे में जानकारी तब हुई जब एक निरीक्षण वाली टीम ने जेल का दौरा किया। इस दौरे के दौरान जेल के कैदियों ने साफ-साफ अधिकारियों से कह दिया कि उन्हें राशन में नींबू नहीं मिला है। कैदियों की तरफ से मिली इस शिकायत के बाद पंजाब के जेल, खनन और पर्यटन मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। जांच में घोटाला सामने आया है और फिर जेल के अधिकारी गुरनाम लाल को निलंबित कर दिया गया।

जेल में आटे का भी चल रहा है घोटाला?
आपको बता दें कि जेल से शिकायत मिलने के बाद एडीजीपी (जेल) वीरेंद्र कुमार ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को 1 मई को औचक निरीक्षण के लिए जेल में भेजा था। टीम ने पाया कि कैदियों को दिया जाने वाला खाना घटिया और अपर्याप्त था। अधिकारियों ने कहा कि जेल में पकाई गई हर चपाती का वजन 50 ग्राम से कम था, जो इस बात का संकेत है कि आटे की सप्लाई में भी कुछ गड़बड़ हो सकती है। इसके अलावा जांच में सब्जियों की खरीद में भी अनियमितताएं बरती गई हैं।












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