13 साल के साईं सुधीर ने फतह की नेपाल की काला पत्थर चोटी, दोस्तों संग फहराया तिरंगा
नई दिल्ली, जून 01। एवरेस्ट की चोटियों को फतह करने का सपना कई लोग देखते हैं, लेकिन क्या आप यकीन कर पाएंगे कि 13 साल की उम्र में एक लड़के ने इस सपने को ना केवल देखा बल्कि उसे पूरा भी कर लिया है। जी हां, 13 साल के साईं सुधीर कावड़े ने तेंनजिंग हिलेरी एवरेस्ट मैराथान को विजेता के रूप में समाप्त किया है। यह मैराथान 29 मई को समाप्त हुई थी। पुणे के रहने वाले साईं सुधीर ने 28 मई को नेपाल के काला पत्थर पर चढ़ाई की, जो कि 5644.5 मीटर की ऊंचाई पर है।

काला पत्थर पर जाकर फहराया तिरंगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साईं सुधीर 27 मई को 5364 मीटर की ऊंचाई पर एवरेस्ट कैंप पहुंचे थे। यहां से उन्होंने काला पत्थर की चढ़ाई शुरू की। 28 तारीख को उन्होंने इसे फतह कर लिया और वहां पर तिरंगा फहराया। साईं सुधीर इस मैराथान को फतह करने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन गए हैं। आपको बता दें कि इस मैराथान में 45 देशों ने हिस्सा लिया था।
दो महान पर्वतारोहियों की याद में आयोजित होती है यह मैराथान
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 मई 1953 को महान पर्वतारोही तेनजिंग नोर्गे और सर एडमंड हिलेरी ने इस एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी। तभी से उनकी याद में हर साल इस मैराथान का आयोजन किया जाता है। इस चढ़ाई को सबसे हाईएस्ट और सबसे कठिन माना जाता है, इसीलिए इस मैराथान को सबसे कठिन मैराथान भी बताते हैं।
पुणे के रहने वाले साईं सुधीर कावड़े भारती विद्यापीठ स्कूल से पढ़े हैं और उन्हें बचपन से ही माउंट क्लाइंबिंग का शौक रहा है। वो अब तक स्टोक कांगरी चोटी, अफ्रीका में किलिमंजारो चोटी और यूरोप में एल्ब्रस चोटी पर चढ़ चुके हैं।












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