REET 2021 की टॉपर सुरभि पारिक ने कोचिंग छोड़ इस स्ट्रेटजी से पाई लेवल-2 में फर्स्ट रैंक
बीकानेर, 2 नवंबर। रीट 2021 का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया, जिसमें लेवल प्रथम में अजमेर के अजय वैष्णव व उदयपुर के गोविंद सोनी और लेवल द्वितीय में श्रीगंगानगर के कीरतसिंह, बीकानेर की सुरभि पारीक, राजसमंद के निंबाराम ने फर्स्ट रैंक प्राप्त की है।
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रीट टॉपर सुरभि पारीक का इंटरव्यू
रीट टॉपर बीकानेर निवासी सुरभि पारीक ने मीडिया से बातचीत में अपनी स्ट्रेटेजी शेयर की, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। सुरभि ने कोचिंग की बजाय सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता दी।

रीट टॉपर सुरभि पारीक की स्ट्रेटेजी
- सुरभि पारीक ने रीट की तैयारी के शुरुआत में कोचिंग की थी। इसके बाद उसने कोचिंग छोड़ सेल्फ स्टडी शुरू की।
- कोचिंग नोट्स के बजाय अगर वो बुक्स पर ध्यान दिया और पुराने एग्जाम के पेपर्स से तैयारी की।
- सुरभि ने किसी अन्य प्रतिभागी से कॉम्पिटिशन करने की बजाय खुद की क्षमताओं पर भरोसा रखकर तैयारी की।
- खुद को स्ट्रेस फ्री रखने के लिए फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करती थी और घूमने भी जाती थी।
- सुरभि ने किताबों के साथ-साथ ऑनलाइन स्टडी भी की।

डॉक्टर की बजाय शिक्षिका बनीं
सुरभि ने बताया कि उसने बायोलॉजी से बीएससी की डिग्री ली। फिर बीएड किया। हर कोई सोचता था कि वह मेडिकल के क्षेत्र में कॅरियर बनाएगी, मगर सुरभि ने टीचिंग को चुना, क्योंकि इसे वह एक रेस्पेक्टेड जॉब मानती है।

पुराने पेपरों से मिली मदद
सुरभि कहती हैं कि उसने किताबों से तैयारी तो अच्छी की थी, मगर खुद को परखने के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षाओं और रीट के पुराने प्रश्न पत्र खूब हल किए। उनसे काफी मदद मिली। नतीजा सबके सामने है।












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