Bihar New: कौन हैं IAS संजीव हंस, जिनकी वजह से ED की रडार पर बिहार के कई बड़े अधिकारी, हुए हैरतअंगेज़ खुलासे

IAS Sanjeev Hans: बिहार के सीनियर IAS अधिकारी संजीव हंस ईडी के शिकंजे में बुरी तरह फंस चुके हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में परत दर परत चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब तो हालात यह बन गए हैं कि उनकी वजह से बिहार के कई बड़े अधिकारी भी ईडी की रडार पर आ गए हैं। जांच में कई ठोस सबूत भी हाथ लगे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय को लेनदेन के कई पुख्ता सबूत मिले हैं, संजीव हंस के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को विभिन्न दस्तावेज़ मिले हैं, जिसमें लेनदेन के तार प्रदेश के दूसरे आईएएस अधिकारियों और पदाधिकारियों से जुड़े। ग़ौरतलब है कि ईडी के निशाने पर आए अधिकारियों में बिहार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

Who is IAS Sanjeev Hans because of whom many big officers of Bihar are on radar of ED news today

इन सीनियर अफसरों के खाते में सीधे या उनके सबसे करीबी लोगों के बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। वहीं कुछ अफसरों ने तो खुद के खाते से संजीव हंस के खाते में रुपये भेजे हैं। ईडी अब वैसे सभी अधिकारियों की सूची तैयार कर चुकी है। अब उनकी कुंडली खंगाली जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

आईएएस अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में अब उनकी करीबी लोग भी ईडी की रडार पर आ गए हैं। शुक्रवार को ईडी की टीम ने संजीव हंस के करीबी सुनील सिन्हा (रालोजपा नेता) से पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कई घंटे तक पूछताछ की थी।

सुनील कुमार सिन्हा (कोषाध्यक्ष, रालोजपा) के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक वह आईएएस अधिकारी संजीव हंस के पार्टनर भी रह चुके हैं। ईडी की टीम को इस बात का शक है कि संजीव हंस की बेनामी संपत्ति के सुनील सिन्हा राज़दार हो सकते हैं।

IAS संजीव हंस ने अपने पिता के नाम पर कई संपत्ति बनाई है, पंजाब के अमृतसर में भी एक मकान है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने विदेश की काफी यात्राएं की हैं। इस मामले सरकार से इजाज़त की भी जांच की जा रही है। वहीं गोवा समेत अन्य शहरो में भी संजीव हंस के प्रॉपर्टी बनाने का मामला उजागर ही है।

चर्चा है कि छापेमारी करने गई ईडी की टीम को देखते ही संजीव हंस ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। ईडी की टीम ने घर का दरवाज़ा तोड़ा और फिर छापेमारी के लिए अंदर दाखिल हुई थी। आपको बता दें कि संजीव हंस 1997 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) वरिष्ठ अधिकारी हैं। संजीव हंस मैजूदा समय में बिहार ऊर्जा विभाग में प्रधान सचिव के पद की ज़िम्मेदारी निभा रहे थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+