बिहार की मदद करेगा उत्तरप्रदेश, जानिए क्यों आई ये नौबत, क्या है राज्य सरकार की प्लानिंग ?
जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि बिहार ने यूपी के रिहंद बांध से पानी लेना शुरू कर दिया है। वहीं उन्होंने कहा कि कई बांध के मरम्मत की ज़रूरत है।
पटना, 23 जुलाई 2022। बिहार में मॉनसून के धोखा देने पर सुखाड़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बिहार में 13 ज़िलों में सुखाड़ की वजह से बिचड़े बर्बाद होने की कगार पर है। किसान के माथे पर चिंता की लकीर है कि फसल प्रभावित हो रही है। वहीं इन सब मुद्दों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश से मदद लेने का फ़ैसला लिया है। इस बाबत जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा की सुखाड़ को लेकर सरकार भी गंभीर है। सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को इके मद्देनज़र निर्देश भी जारी कर दिया है। सूखा प्रभावित इलाकों के खेतों में पड़ोसी राज्य से पानी पहुंचाया जाएगा। इस बाबत उत्तर प्रदेश सरकार से बात बात हो गई है। एक ट्रिटी के तहत बिहार को उत्तर प्रदेश से पानी मिलेगा। जिससे सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों के खेतों में सिंचाई की जा सकेगी।

जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि बिहार ने यूपी के रिहंद बांध से पानी लेना शुरू कर दिया है। वहीं उन्होंने कहा कि कई बांध के मरम्मत की ज़रूरत है। विश्व बैंक और भारत सरकार को मरम्मत कार्य के लिए तीन सौ करोड़ रुपये का प्रपोजल को भेजा जा रहा है। बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कहीं से कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में कम बारिश होने की वजह से सूखे के हालात हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 200 मिलीमीटर बारिश जून से अभी तक हुई है। इसलिए सुखाड़ की स्थिति पैदा हुई है।
सीएम नीतीश कुमार ने सूखे से निपटने के लिए हर मुमकिन उपाए किए जाने का अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। वहीं प्रदेश सरकार के भविष्य की नीतियों पर बात करते हुए संजय झा ने बताया कि बिहार को सुखाड़ से बचाने की योजना पर भी नीतीश सरकार काम कर रही है। 2025 तक हर खेत में पानी पहुंचा दिया जाएगा, हर खेत में पानी उपलब्ध हो इसके मद्देनज़र सर्वे शुरू हो गया है।
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