पटना में कानून का डर खत्म? सीएम आवास से महज कुछ किलोमीटर दूर छात्र को मारी गोली, क्या है पूरा मामला?
Patna Veterinary College Shooting Incident: राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित और पॉश कहे जाने वाले इलाके में, जहाँ से मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आवास महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं, गुरुवार शाम वेटनरी कॉलेज मैदान में हुए गोलीकांड ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और कैंपस सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक साधारण क्रिकेट मैच का मैदान बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद जब गोलियों की गूंज में बदल गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि राज्य में अब आपराधिक तत्वों के हौसले कितने बुलंद हैं। कॉलेज के छात्र की अंगुली में गोली लगना कोई मामूली घटना नहीं, बल्कि इस बात का प्रतीक है कि आपराधिक मानसिकता अब शैक्षणिक परिसरों की चौहद्दियों को भी नहीं छोड़ रही है। बता दें कि, चुनावी साल में लगातार बिहार में हो रहे इस तरह की घटना ने कई सवाल उठा दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
गुरुवार शाम पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। वेटनरी कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्र मयंक अपने साथियों के साथ मैदान में खेलने पहुंचे थे, लेकिन वहां पहले से कुछ बाहरी युवक पिच पर कब्जा जमाए हुए थे।
कॉलेज छात्रों ने उन्हें मैदान खाली करने को कहा, जिस पर बहस शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में बाहरी युवकों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया, और मामला हाथापाई से बढ़कर गोलीबारी तक जा पहुंचा। फायरिंग के दौरान छात्र मयंक को गोली लग गई, जो उसकी अंगुली में लगी।घायल मयंक को साथियों ने तुरंत आईजीआईएमएस अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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घटनास्थल से एक खोखा बरामद
घटना के बाद मौके पर पहुंची एयरपोर्ट थाना पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि वेटनरी कॉलेज मैदान पर बाहरी लड़कों की दादागीरी पहले भी देखने को मिल चुकी है। हर बार विवाद धमकी तक सीमित रहता था, लेकिन इस बार मामला गोली चलने तक पहुंच गया, जिसने पूरे परिसर को दहशत में डाल दिया।
कॉलेज में हड़ताल का ऐलान
घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कॉलेज में हड़ताल का ऐलान कर दिया है और प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की है और जांच तेज़ कर दी है।
गोलीकांडों ने कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
पटना सहित बिहार के कई हिस्सों में हाल के दिनों में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी में खुलेआम फायरिंग, वह भी शिक्षण संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में, इस बात का संकेत है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार विपक्ष ही नहीं, जनता के भी निशाने पर है। आम लोग पूछ रहे हैं कि जब राजधानी में छात्र सुरक्षित नहीं, तो ग्रामीण इलाकों में हालात कैसे होंगे?
विपक्ष का आरोप है कि बिहार में कानून का डर खत्म हो चुका है और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
चुनावी साल में ऐसी घटनाएं सत्ताधारी दल के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।












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