Unique Flower: 35 सालों में पहली बार कल्पवृक्ष में खिला नायाब फूल, 'स्वर्ग का पौधा' भी कहते हैं लोग
Unique Flower: बिहार के मुजफ्फरपुर ज़िले के एक कॉलेज में दुर्लभ पौधा कल्पवृक्ष में एक नायाब फूल खिला है। पेड़ पौधे के जानकारों की मानें तो कल्पवृक्ष अब दुनिया में बहुत ही कम जगहों पर ही देखने को मिलता है। इसमें फूल खिलना भी काफी दुर्लभ माना जाता है। इसे 'स्वर्गलोक का पौधा' भी कहते हैं। यही वजह है कि इस पौधे में खिला हुआ फूल देखने वाले लोगों को खुशकिस्मत समझा जाता है।
मुजफ्फरपुर जिला के लंगट सिंह कॉलेज के बगीचा में 35 साल बाद कल्पवृक्ष में फूल खिला है। इस दुर्लभ संयोग की पूरे ज़िला में चर्चा हो रही है। डॉ. ओपी राय (प्राचार्य, लंगट सिंह कॉलेज) ने बताया कि बिहार के पूर्व डीजीपी डीपी ओझा ने कई साल पहले इस कॉलेज प्रांगण में यह पौधा लगाया था।

डीपी ओझा (बिहार के पूर्व डीजीपी) ने इसी कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसलिए उन्होंने तोहफे के तौर पर कॉलेज के बगीचा में कल्पवृक्ष का पौधा लगाया था। अब यह पौधा काफी विशाल हो चुका है। डॉ ओपी राय ने कहा कि पिछले 35 सालों मे पहली बार कल्पवृक्ष फूल खिला है।
डॉ. ओपी राय ने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार कल्पवृक्ष का फूल का दीदार किया है। यह कॉलेज के लिए भी शुभ संदेश है। कल्पवृक्ष का फूल खिलने से कॉलेज के छात्रों पर भगवान की विशेष कृपा की उम्मीद जताई जा रही है।
प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने बताया कि समुंद्र मंथन से कल्पवृक्ष का पौधा निकला है। यही वजह है कि इस पौधे को देवलोक की संक्षा दी जाती है। दावा है कि इस पेड़ की सेवा से लोगों की मनोकामना भी पूरी होती है। कॉलेज में कल्पवृक्ष की देखभाल कर रहे माली हरेंद्र ने कहा कि, उनकी शादी के 12 साल होने के बाद भी संतान का सुख नहीं मिल रहा था। कल्पवृक्ष की लगातार सेवा करने से संतान सुख की प्राप्ति हुई।












Click it and Unblock the Notifications