बदरुद्दीन अजमल और ओवैसी पर Giriraj Singh ने बोला हमला, कहा- 'सभी मुसलमान पाकिस्तान चले जाते तो...'
हिंदुओं को लेकर AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने विवादित बयान दिया था। जिसपर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'अगर सभी मुसलमान पाकिस्तान चले जाते तो आज ये हिंदुओं को गालियां नहीं देते।'

Giriraj Singh: AIUDF अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने बदरुद्दीन के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्हें हिंदुओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। गिरिराज सिंह ने कहा, 'आजादी के बाद अगर सभी मुसलमान पाकिस्तान चले जाते तो आज ये हिंदुओं को गालियां नहीं देते।'
एआईयूडीएफ के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने असम के करीमगंज हुए एक सभा में कहा था कि, 'वो (हिंदू) 40 साल से पहले गैरकानूनी तरीके से 2 से 3 बीवियां रख लेते हैं। 40 साल के बाद उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता कहां रहती है। मुस्लिमों के फॉर्मूले को अपनाकर 18 से 20 साल की उम्र में ही शादी करा देना चाहिए।' तो वहीं, अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने इस बयान पर पलटवार किया करते हुए कहा, 'बदरुद्दीन अजमल ओवैसा जैसे लोग हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं, उन्हें गालियां दे रहे हैं।
अगर आजादी के बाद जब देश का धर्म के नाम पर बंटवारा हुआ तो सभी मुसलमानों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए था। फिर भारत में सिर्फ और सिर्फ गैर मुस्लिम रहते। बदरुद्दीन और ओवैसी जैसे लोग हिंदुओं को गालियां नहीं देते। बेगूसराय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि, 'आज भारत में वही मुसलमान हैं जिन्हें मुगल काल में मुगलों ने सम्मान नहीं दिया था।'
गिरिराज सिंह ने कहा कि आज हम देश की नीतियों के साथ जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात कर रहे हैं और वो लोगों को इसे तोड़ने की नसीहत दे रहे हैं। कहा कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना चाहिए, ऐसा कड़ा कानून लाना चाहिए जो हिंदू मुसलमान सबको मानना होगा। जो इस कानून को नहीं माने उसको सरकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जाए, उसे कानूनी दंड दिया जाए इतना ही उनका वोटिंग अधिकार भी छीना जाए। इनकी जुबान चीन के लिए नहीं खुल रही है।
चीन एक बच्चे की पॉलिसी लाया और वहां के मुसलमानों को भी आदेश मानना पड़ा। हमें इनकी नसीहत नहीं चाहिए। भारत में संसाधन सीमित हैं। पूरे दुनिया की 20 फीसदी आबादी यहां है। मगर जमीन ढाई प्रतिशत ही है, पानी भी कम है। आज भारत को भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत है। जो हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी पर लागू हो।












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