Bihar Politics: बिहार में ना कोई किंग और ना ही मेकर, BJP नेताओं के बदले बयान पर सियासी अटकलें तेज़
NDA Bihar News: लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम के बाद भाजपा नेता सीएम नीतीश कुमार के नाम के कसीदे पढ़ रहे थे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बीजेपी नेताओं के सुर बदल गए। बिहार में बदलते सियासी समीकरण के बाद एक बार फिर अटकलों का बाज़ार गर्म हो चुका है।
लोकसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को किंगमेकर की भूमिका में लोग देख रहे है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले तक भाजपा नेता भी इस बात को मान रहे थे। चुनावी नतीजे आने के बाद बिहार के डिप्टी सीएम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी का बयान नीतीश के पक्ष में था।

सम्राट चौधरी ने 5 जून को बयान दिया कि 2025 में हम लोग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। 1996 से उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ते आ रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बिहार के 10 जून को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बयान दिया कि बिहार में ना कोई किंग है और न कोई मेकर। जनता के मिले जनादेश पर सभी राष्ट्र के विकास के लिए तत्पर है।
एनडीए में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार ने कहा था, वह पलटी नहीं मारेंगे और साथ रहेंगे। नीतीश कुमार ने तो चुनावी नतीजे के बाद शपथ तक अपना वादा निभाया, लेकिन अब भाजपा नेता के बदल सुर के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि एनडीए से जदयू के रास्ते अलग हो सकते हैं।
वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए राजद नेता अब्दुल जब्बार ने कहा कि नीतीश कुमार जब भी असहज महसूस करते हैं, वह पाला बदल लेते हैं। एनडीए को जब साथ चाहिए था तो भाजपा नेता कसीदे पढ़ रहे थे, शपथ लेने के बाद सुर बदल गए। यह सरकार ज्यादे दिन नहीं टिकने वाली है। क्योंकि नीतीश कुमार को मन मुताबिक मंत्रालय भी नहीं मिला है।












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