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कौन हैं वो 5 जयचंद? जिनसे तेजप्रताप की जान को खतरा, 2 MLA, सांसद, एक तजेस्वी का करीबी, प्रोफाइल चौंकाने वाली

Tej Pratap Yadav Jaichand News: बिहार की राजनीति एक बार फिर अंदरूनी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप के भंवर में है। वजह बने हैं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव। अनुष्का यादव की बेटी को लेकर उठी अफवाहों के बीच तेजप्रताप ने न सिर्फ इन खबरों को सिरे से खारिज किया, बल्कि पहली बार खुले मंच से पांच ऐसे लोगों के नाम गिनाए, जिन्हें उन्होंने 'जयचंद' बताया।

तेजप्रताप का दावा है कि यही लोग उन्हें बदनाम करने और साजिश के तहत फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। तेजप्रताप ने कहा मुकेश रौशन, शक्ति यादव, रमीज नेमत, संजय यादव और सुनील सिंह ये वो पांच जयचंद हैं, जिनसे उनकी जान को खतरा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ये पांचों जयचंद कौन हैं, क्या करते हैं, इनकी पूरी प्रोफाइल।

Tej Pratap Yadav Jaichand News

8 फरवरी को सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हुई कि अनुष्का यादव मां बनी हैं और तेजप्रताप यादव से उनका संबंध जोड़ा जा रहा है। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी एक्स पर एक पोस्ट कर बधाई दे दी।

दिनभर चली चर्चाओं के बाद तेजप्रताप यादव ने रात करीब 8:30 बजे मीडिया के सामने आकर साफ कहा कि अनुष्का से बेटी होने की खबर पूरी तरह झूठी है। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पहली बार उन पांच लोगों के नाम लिए, जिन पर साजिश रचने का आरोप लगाया।

1. कौन हैं संजय यादव, राज्यसभा सांसद और तेजस्वी का सबसे करीबी!

संजय यादव राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले संजय ने 2012 में आरजेडी जॉइन की थी। कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट संजय पहले एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में नौकरी करते थे।

2013 में लालू यादव के जेल जाने के बाद तेजस्वी जब राजनीति सीखने लगे, तब उन्होंने संजय को पटना बुलाया। तब से संजय पार्टी की रणनीति, टिकट बंटवारे और चुनावी प्लानिंग में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। तेजप्रताप ने उन्हें भी अपने 'जयचंद' की सूची में रखा है।

2. कौन हैं रमीज नेमत? जिनका नाम विवादों से रहा है जुड़ा

रमीज नेमत समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं और आरजेडी में सोशल मीडिया व चुनावी मैनेजमेंट का काम संभालते रहे हैं। उनकी पत्नी जेबा रिजवान तुलसीपुर विधानसभा से दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं। रमीज का नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। पंचायत चुनाव हिंसा से लेकर हत्या के मामलों तक, वह लंबे समय तक बलरामपुर जेल में भी रहे। अप्रैल 2025 में जमानत पर बाहर आने के बाद उनका नाम फिर सियासी विवादों में उछलने लगा। तेजप्रताप का आरोप है कि साजिश में उनका भी रोल है।

3. कौन हैं सुनील सिंह, जो लालू परिवार के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं

सुनील कुमार सिंह 2020 में आरजेडी के एमएलसी बने और फिलहाल पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं। वह लंबे समय तक बिस्कोमान के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी उन्हें राखी बांधती हैं और पारिवारिक रिश्ता बेहद करीबी माना जाता है। लालू यादव के मुश्किल दौर में भी सुनील सिंह उनके साथ खड़े रहे। पार्टी कार्यालय के कायाकल्प से लेकर विधान परिषद में आक्रामक भूमिका तक, सुनील सिंह को पार्टी का मजबूत स्तंभ माना जाता है। तेजप्रताप ने उनका नाम लेकर सबको चौंका दिया।

4. कौन हैं मुकेश रौशन? जिन पर सबसे गंभीर आरोप

तेजप्रताप यादव के आरोपों में सबसे बड़ा नाम पूर्व आरजेडी विधायक मुकेश रौशन का है। तेजप्रताप का दावा है कि साजिश का संचालन वही कर रहे हैं और यहां तक कि उनकी हत्या करवाने की कोशिश हो सकती है। मुकेश रौशन महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, जिस सीट पर तेजप्रताप भी दावेदारी करते रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव पुराना बताया जाता है।

5. कौन हैं शक्ति सिंह यादव? पार्टी की आवाज रहे नेता

शक्ति सिंह यादव को लालू परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। वह लंबे समय तक पार्टी का पक्ष मीडिया के सामने रखते रहे हैं। 2015 में हिल्सा सीट से विधायक रह चुके शक्ति सिंह यादव का नाम भी तेजप्रताप ने उन पांच 'जयचंदों' में लिया, जिन पर उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप है।

क्यों अहम है यह खुलासा?

तेजप्रताप यादव के इन आरोपों ने सिर्फ एक पारिवारिक विवाद को नहीं, बल्कि आरजेडी की अंदरूनी राजनीति को भी बेनकाब कर दिया है। एक तरफ पार्टी के सांसद, एमएलसी और रणनीतिकार हैं, तो दूसरी तरफ लालू परिवार का बड़ा बेटा, जो खुद को साजिश का शिकार बता रहा है।

आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा या कानूनी मोड़ लेगा, इस पर बिहार की राजनीति की दिशा तय हो सकती है। यह कहानी सिर्फ पांच नामों की नहीं, बल्कि बिहार की सियासत में चल रही उस जंग की है, जो अब खुलकर सामने आ चुकी है।

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