Tamilnadu Fake Video Case: मनीष कश्यप की बढ़ सकती है मुश्किलें, मोबाइल से भी खुलेंगे कई और राज़!
Manish Kashyap के मोबाइल में कई ऐसे राज़ दफन हैं, जिसके उजागर होने से नामचीन लोगों के चेहरे से भी पर्दा उठ जाएगा।

Manish Kashyap Case: तमिलनाडु फ़र्ज़ी वीडियो मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सरेंडर तो कर दिया है लेकिन उसकी मुश्किलें कम नहीं हो रही है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप का मोबाइल ढूंढ रही है। बताया जा रहा है कि मनीष कश्यप के मोबाइल से अहम सबूत मिल सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) मनीष के कॉल डिटेल्स भी खंगालना चाहती है। ईओयू की टीम यह भी पता लगाना रही है कि इतने दिनों से पुलिस के साथ लुका छिपी का खेल कर रहा था, तो दौरान मनीष किस किस के साथ संपर्क में था।
आर्थिक अपराध इकाई के रिमांड में मनीष कश्यप ने बताया कि उसने नोएडा में किराए के मकान अपना मोबाइल में रखा है। आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम नोएडा, सोनीपत और दिल्ली में मनीष कश्यप का मोबाइल ढूंढ रही है। वहीं मनीष के करीबी लोगों से भी मोबाइल की जानकारी जुटाई जा रही है लेकिन अभी तक सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। आर्थिक अपराध इकाई ने दावा किया है कि मनीष कश्यप के मोबाइल में कई अहम सबूत हैं। वह जानबूझकर मोबाइल के बारे जानकारी नहीं दे रहा है।
सोमवार की शाम मनीष कश्यप की रिमांड अवधि पूरी हो जाएगी। वहीं खबर यह भी है कि अगर मनीष कश्यप का मोबाइल बरामद नहीं हुआ तो उसकी रिमांड बढ़ाई भील जा सकती है। आपको बता दें कि मनीष कश्यप ने 3 साल पुराने मामले में बेतिया के जगदीशपुर थाने में सरेंडर किया था। सरेंडर करने के वक्त उसके पास उसका मोबाइल नहीं था। आर्थिक अपराध इकाई ने यूट्यूबर मनीष कश्यप के सहयोगी मणि द्विवेदी के ठिकाने पर भी रविवार को छापेमारी की। पटना आने पर मनीष मणि द्विवेदी के पास ही ठहरता था।
EOU की टीम मनीष कश्यप के खिलाफ नए-नए एविडेंस तलाशने में जुटी हुई है। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की टीम को मनीष कश्यप की कंपनी 'सच तक' में पार्टनर मणि द्विवेदी और मनीष कश्यप के मोबाइल की तलाश है। मनीष उस मोबाइल से वीडियो बनाया करता था। मोबाइल की तलाश पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। मणि द्विवेदी की तलाश में विभिन्न जगहों पर छापेमारी चल रही है, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बल रहा है। सूत्रों की मानें तो मनीष कश्यप का मोबाइल बरामद होने पर कई अहम सबूत तो मिलेंगे ही, इसके साथ ही कई और नामचीन लोगों के चेहरे भी उजागर होंगे।
EOU की जांच में पता चला कि मनीष कश्यप के सरेंडर करने के बाद मां के साथ वाला वीडियो वायरल था बनारस में शूट किया गया था। लोग समझ रहे थे कि मनीष का वो वीडियो बेतिया स्थित गांव के घर में शूट किया गया है। केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए मनीष कश्यप बिहार छोड़कर भाग गया था। नोएडा, दिल्ली होते सोनीपत (हरियाणा) पहुंचा, वहां 4 दिनों कर रहा था। EOU को इसकी जानकारी मिल चुकी थी। सूत्रों की मानें तो मनीष कश्यप वहां बनारस पहुंचा और मां के साथ वीडियो शूट करने बाद पटना पहुंचा। घर में कुर्की जब्ती शुरू होते ही वह बेतिया जाकर खुद को सरेंडर कर दिया।
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