Bihar Politics: सुशील मोदी ने फिर साधा प्रदेश सरकार पर निशाना, सीएम नीतीश से कर दी ये मांग
Bihar Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। पक्ष विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रदेश सरकार अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों को लेकर सियासी माइलेज लेने की रणनीति बना रही है। वहीं विपक्ष के नेता महागठबंधन सरकार की खामियां उजागर निशाना साध रहे हैं।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अवर मुख्य सचिव (एसीएस) केके पाठक ने अपने असंवैधानिक और मनमाने आदेशों से बिहार में शिक्षा को चौपट कर दिया है। उनके काम करने के तानाशाही रवैया से शिक्षकों में रोष है।

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जो अधिकारी न किसी नियम-कानून का ध्यान रखता हो, न राजभवन से टकराव लेने से बचता हो, उसे अविलम्ब हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दर्जनों शिक्षकों का वेतन-पेंशन रोकने, शिक्षकों के संघ बनाने पर कठोर कार्रवाई।
गेस्ट टीचर्स की आउटसोर्सिंग, हर रोज़ पांच क्लास लेना ज़रूरी, और कम्यूटर डिवाइस खरीदने के लिए मनमाने ढंग से आदेश जारी किया गया। इन सभी मामलों को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एसीएस पाठक के खिलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैसे अधिकारी को बचा रहे हैं, जो शिक्षा मंत्री को बेइज़्ज़त कर चुका है। जिस अधिकारी के खिलाफ़ राजभवन जाकर राजद-जदयू सहित सभी दलों के 25 विधान परिषद सदस्यों को ज्ञापन सौंपना पड़ा।
सुशील कुमार मोदी ने इससे पहले भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के वोट बैंक के लिए इंडिया गठबंधन ने हिंदू धर्म,राम मंदिर, सनातन संस्कृति और रामचरित मानस पर अनर्गल टिप्पणी करने की अपने दूसरे-तीसरे दर्जे के कुछ नेताओं को सुपारी दे रखी है।












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