Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Motivational Story: बैरक में की परीक्षा की तैयारी और सिपाही से अधिकारी बने विनय, पढ़िए संघर्ष भरी कहानी

कॉन्स्टेबल विनय कुमार अपने जज़्बे और लगन से अधिकारी बनने के ख्वाब को सच कर दिखाया और वन परिक्षेत्र पदाधिकारी की परीक्षा में कामयाबी हासिल की। भागलपुर सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने विनय कुमार की कामयाबी पर उन्हें अपने...

पटना, 9 सितंबर 2022। इंसान अगर मेहनत करता है तो वह कामयाबी की बुलंदियों को ज़रूर छूता है। मेहनत और लगन के बुते हर शख्स अपने ख्वाबों को नई उड़ान दे सकता है। कुछ ऐसी ही कहानी है नालंदा के रहने वाले विनय कुमार की जो कॉन्स्टेबल से अब वन विभाग के अधिकारी बन गए हैं। विनय कुमार भागलपुर में बतौर कॉन्स्टेबल कार्यरत हैं लेकिन अब उनकी गिनती वन विभाग के अधिकारियों में हो रही है। विनय कुमार जिला पुलिस बल में सात सालों से भागलपुर में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात थे। बिहार पुलिस दारोगा परीक्षा में तीन बार नाकामयाबी हासिल हुई फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने भी की हौसला अफ़ज़ाई

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने भी की हौसला अफ़ज़ाई

कॉन्स्टेबल विनय कुमार अपने जज़्बे और लगन से अधिकारी बनने के ख्वाब को सच कर दिखाया और वन परिक्षेत्र पदाधिकारी की परीक्षा में कामयाबी हासिल की। भागलपुर सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने विनय कुमार की कामयाबी पर उन्हें अपने दफ्तर में बुलाकर मुंह मीठा कराया। वहीं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने विनय कुमार की कामयाबी पर उनकी हौसला अफज़ाई भी की। इसके साथ अन्य पुलिसकर्मियों को विनय की तरह मेहनत करने के लिए मोटीवेट भी किया। स्वर्ण प्रभात ने बधाई संदेश देते हुए कहा कि बहुत खुशी और गर्व की बात है कि जिला पुलिस बल में तैनात विनय ने कामयाबी की बुलंदी को छुआ है। आप लोग भी विनय से प्रेरित होकर मेहनत करें और कामयाबी की ईबारतें लिखें।

बैरक में भी परीक्षा की तैयारी करते थे विनय

बैरक में भी परीक्षा की तैयारी करते थे विनय

विनय कुमार के सहयोगियों ने बताया कि विनय नौकरी पूरी ईमानदारी से निभाते थे। उनमें मेहनत और लगन से कामयाब होने की ललक थी। वह ड्यूटी से थके हारे लौटने के बाद भी अपने बैरक में कई घंटों तक परीक्षा की तैयार करते थे। खुद तो पढ़ाई करते ही थे, साथ ही दूसरे साथियों को भी प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया करते थे। उन्होंने कहा कि विनय के कामयाबी के पीछे उनके सहयोगियों का भी काफी योगदना रहा है। जब विनय ड्यूटी से लौटने के बाद पढ़ाई करते थे तो उन्हें खाना लाकर उनके सहयोगी दिया करते थे। ताकि विनय अच्छे से परीक्षा की तैयार कर सके। इसी का नतीजा है कि आज विनय की मेहनत रंग लाई और वह अधिकारी बन गये हैं।

सात साल से कॉन्स्टेबल पद पर थे तैनात

सात साल से कॉन्स्टेबल पद पर थे तैनात

नालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र से विनय कुमार मूल ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता का नाम बाल गोविंद प्रसाद और मां का नाम गीता देवी है। 2015 में उन्होंने बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी और बिहार पुलिस में भर्ती हुए थे। जिसके बाद उनकी पोस्टिंग भागलपुर जिला पुलिस बल में कर दी गई थी। पिछले सात सालों से वह भागलपुर में ही पोस्टेड हैं।

विनय की कामयाबी से ग्रामीणों में खुशी

विनय की कामयाबी से ग्रामीणों में खुशी

ग्रामीणो ने विनय कुमार की कामयाबी पर खुशी का इज़हार करते हुए कहा की। ये हम लोगों के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि विनय का वन विभाग के आधिकारी के लिए चयन हुआ है। वह शुरू से ही बहुत शालीन व्यक्ति थे और पढ़ने लिखने के बहुत शौकीन थे लेकिन उनकी किस्मत साथ नहीं दे रही थी। अब विनय ने साबित कर दिया है कि मेहनत करने से इंसान कामयाब ज़रूर होता है।

ये भी पढ़ें: बिहार में इन 208 पदों पर निकली सरकारी भर्ती, यहां करें आवेदन

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+