Bihar News: बांग्लादेश हिंसा की कहानी स्थानीय की ज़ुबानी, घटना पर बिहार में भी पुलिस सतर्क, जानिए पूरा मामला
Bangladesh Violence News Today: बांग्लादेश में हुई घटना के बाद बिहार पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। शेख हसीना को बंग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा। सूत्रों की मानें तो अपने देश में हालात बिगड़ने के बाद शेख हसीना अपनी बहन के साथ बांग्लादेश छोड़कर भारत के रास्ते यूरोप के किसी मुल्क के लिए रवाना हो गई हैं।
बांग्लादेश में हालात बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को ढाका स्थित पीएम आवास पर धावा बोला। इसके बाद वहां हालात बिगड़ते ही चले गए, बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में कोटा सिस्टम को लेकर प्रदर्शन हो रहा था, जो कि बड़े पैमाने पर आंदोलन में बदल गया।

बांग्लादेश के ढाका निवासी मुजफ्फर अहमद ने बताया कि साल 1971 एक कोटा लागू किया गया। इसके तहत बांग्लादेश की आज़ादी के लिए लड़े परिवार के लोगों और उनके रिश्तेदारों के लिए 30 फीसदी सरकारी नौकरी में रिज़र्वेशन दिया जाता था। आरोप है कि इस कोटा की आड़ में शेख हसीना और उनकी पार्टी के लोगों फायदा पहुंचाया जाता था।
बांग्लादेश में इसी के विरोध में पिछले महीने प्रदर्शन शुरू हुआ, हालात बिगड़े जिसमें अभी तक क़रीब तीन सौ लोगों की मौत हो गई। पहले तो सिविल सेवा में रिजर्वेशन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ और बाद में सरकार के खिलाफ ही आंदोलन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना से इस्तीफे की मांग शुरू की।
15 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के दौरान ही प्रशासन और स्थानीय लोगों में झड़प शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि यूनिवर्सिटि, कॉलेज और स्कूलों को अनिश्चित काल के लिए बंद करवा दिए गए। 16 जुलाई को आंदोलन और तेज़ हो गया। शेख हसीना ने लोगों को संबोधित करते हुए न्यायिक जांच का ऐलान किया।
शेख हसीना के ऐलान के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। 20 जुलाई को बांग्लादेश सरकार ने देश भर में कर्फ्यू लगाते हुए सेना तैनात कर दिया। 23 जुलाई को हसीना सरकार की तरफ़ से सर्कुलर जारी कर कोटा सिस्टम में बदलाव की बात कही गई, लेकिन आंदोलनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों को उग्र होता देख सरकार ने गिरफ्तारियां शुरू की, इसी क्रम में यूनाइटेड नेशन की तरफ बांग्लादेश सरकार को हिदायत दी गई कि प्रदर्शनकारियों पर ज़ुल्म नहीं करते हुए इंटरनेट सेवाएं बहाल करें। 29 जुलाई के बाद मामला और तूल पकड़ा जिसका नतीज अब पूरी दुनिया देख रही है।
बांग्लादेश में हुई घटना पर बिहार पुलिस क्यों सतर्क हुई, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि बिहार के कई ज़िले बांग्लादेश बॉर्डर से करीब हैं। भारत के कई लोग वहां के निवासी हैं, जो पहले हिंदुस्तान के निवासी थे। बांग्लादेश में हालात बिगड़ने के बाद बॉर्डर एरिया के रास्ते घुसपैठ की संभावना है।
इसलिए बिहार पुलिस सतर्क हो चुकी है, इसके साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय की तरफ़ से सतर्कता संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, चीज़ की जानकारी मिलने पर स्थानीय थाना, संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षक या फिर टॉल फ्री नंबर-14432, डयल-112 पर दें और किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।












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