Siwan Lok Sabha Seat: 6 बार कांग्रेस, तो 2 बार BJP दर्ज कर चुकी है जीत, जानिए इतिहास और समीकरण
Lok Sabha Election 2024, Siwan Political History: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सभी 40 लोकसभा सीटों पर सियासी मंथन शुरू हो चुका है। चुनावी चर्चा के बीच आज हम आपको बिहार की हॉट लोकसभा सीटों में शुमार की जाने वाली सीवान सीट का इतिहास और समीकरण बताने जा रहे हैं।
देश के पहले राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की धरती सीवान की सियासत बिहार में हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। ग़ौरतलब है कि सीवान 1957 से ही लोकसभा सीट है, लेकिन जिले के तौर पर 1972 में अस्तित्व में आया। इस लोकसभा सीट पर पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी झूलन सिंहा ने जीत दर्ज कर पार्टी का परचम बुलंद किया था। इसके बाद 1971 तक लगातार कांग्रेस ही जीत का परचम लहराती रही है।

2009 के परिसीमन में महाराजगंज लोकसभा सीट के कुछ हिस्से को सीवान में शामिल किया गया। आपको बता दें कि सीवान लोकसभा क्षेत्र में सीवान, बड़हरिया, दरौंदा, जीरादेई, रघुनाथपुर और दरौली विधानसभा सीट शामिल हैं।
बिहार में इस बार सियासी समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे हैं। NDA से अलग होकर सीएम नीतीश कुमार भाजपा और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ ही तीर चला रहे हैं। 2019 के लाकभा चुनाव में BJP-JDU से राजद का मुक़ाबला था। जदयू प्रत्याशी कविता सिंह ने राजद के पूर्व सांसद बाहुबली शाहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब (राजद प्रत्याशी) को सियासी मात दी थी।
सीवान लोकसभा सीट से राजद के बाहुबली नेता डॉ. शहाबुद्दीन चार बार जीत का परचम लहरा चुके हैं। 1996 से लेकर लगातर 2004 वह पार्टी का परचम बलंद करते रहे। आपको बता दें कि बाहुबली शाहबुद्दीन लालू यादव के बहुत ही करीबी माने जाते थे। वह दो बार जीरादेई विधानसभा सीट से विधायक भी चुने जा चुके हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद युसूफ़ भी चार बार सीवान लोकसभा सीट से जीत का परचम लहरा चुके हैं। 1962, 1967 और 1971 में हुए चुनावों में जीत का परचम लहराया था। वहीं 1980 में फिर उन्होंने जीत दर्ज की थी। ग़ौरतलब है कि पिछली 3 लोकसभा चुनाव में जनता ने सीवान से महागठबंधन प्रत्याशी को नकार दिया है।
सीवान सीट पर कांग्रेस की अभी तक छह बार जीत दर्ज कर चुकी है। 1957 से लेकर 1971 तक लगातार कांग्रेस जीत का परचम लहराती रही। 1977 की जनता पार्टी के प्रत्याशी कांग्रेस के क़ब्ज़े से सीट पर जीत दर्ज कर पार्टी का परचम लहराया। ठीक तीन साल बाद 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने वापिस से सीवान लोकसभा सीट पर जीत का परचम लहराया।
सीवान सीट पर अभी तक भाजपा दो बार जीत का परचम लहरा चुकी है। पहली बार 1989 में भाजपा प्रत्याशी जर्नादन तिवारी ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद जनता दल प्रत्याशी वृषिण पटेल ने 1991 में जीत का परचम लहराया। 2009 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज करने वाले ओमप्रकाश यादव को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बना लिया था।
2014 को लोकसभा चुनाव में भाजपा का ही क़ब्ज़ा रहा, वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के तहत जदयू प्रत्याशी कविता सिंह ने जीत दर्ज की थी। इस बार इस लोकसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं जदयू और राजद के बीच टिकट बंटवारे को लेकर भी मतभेद की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
सीवान लोकसभा सीट से चुने गए सांसदों की सूची
1957: झूलन सिंहा, कांग्रेस
1962: मोहम्मद युसूफ, कांग्रेस
1967: मोहम्मद युसूफ, कांग्रेस
1971: मोहम्मद युसूफ, कांग्रेस
1977: मृत्युंजय प्रसाद, जनता पार्टी
1980: मोहम्मद युसूफ, कांग्रेस (आई)
1984: अब्दुल गफूर, कांग्रेस
1989: जनार्दन तिवारी, भाजपा
1991: वृषिण पटेल, जनता दल
1996: मोहम्मद शहाबुद्दीन, जनता दल
1998: मोहम्मद शहाबुद्दीन, राजद
1999: मोहम्मद शहाबुद्दीन, राजद
2004: मोहम्मद शहाबुद्दीन, राजद
2009: ओमप्रकाश यादव, निर्दलीय
2014: ओमप्रकाश यादव, भाजपा
2019: कविता सिंह, जदयू












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