Samrat Chaudhary Bihar New CM: लालू के चेले से बिहार के CM तक! इन 4 दलों में रह चुके हैं सम्राट चौधरी
Samrat Chaudhary Bihar New CM: बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर शुरू से बीजेपी के साथ नहीं रहा।
वे आरजेडी और जेडीयू जैसी पार्टियों में रहने के बाद बीजेपी में आए और अपनी काबिलियत के दम पर प्रदेश अध्यक्ष से लेकर अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया। संघर्ष और उतार-चढ़ाव से भरा उनका यह सफर आज उन्हें सत्ता के शिखर पर ले आया है।

Samrat Chaudhary Political Journey: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से शुरुआत
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी से की थी। उनके पिता शकुनी चौधरी भी इस दल के बड़े स्तंभ थे। आरजेडी के शासनकाल में ही वे पहली बार राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने और राजनीति के गुर सीखे।
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Samrat Chaudhary Political Career: जनता दल यूनाइटेड सरकार में मंत्री बने
आरजेडी से अलग होने के बाद उन्होंने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का दामन थामा। इस दल में रहते हुए उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2014 में जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने, तब वे जेडीयू कोटे से ही उनकी कैबिनेट में मंत्री रहे थे।
Bihar News Hindi: जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' में हुए शामिल
राजनीतिक उठापटक के दौरान सम्राट चौधरी का नाम जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' के साथ भी जुड़ा। जब मांझी ने जेडीयू से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाई, तब सम्राट चौधरी ने उनके समर्थन में अहम भूमिका निभाई और उस सरकार में मंत्री के तौर पर काम जारी रखा।
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2018 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हुए शामिल
अंततः वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, जहां उनका राजनीतिक कद सबसे ज्यादा बढ़ा। बीजेपी में उन्हें पहले उपाध्यक्ष बनाया गया, फिर बिहार प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। इसके बाद वे उपमुख्यमंत्री बने और अब वे बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
विवादों से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक
सम्राट चौधरी संभवतः बिहार के पहले ऐसे नेता हैं जो मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। उनके करियर में जालसाजी और उम्र छिपाने जैसे गंभीर आरोप लगे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जेडीयू में रहने के बाद जब वे बीजेपी में आए, तो उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। बीजेपी ने उनके आक्रामक तेवर और पिछड़े समाज में उनकी पकड़ को देखते हुए उन पर भरोसा जताया।
बीजेपी में कद और नई जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा। पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई, फिर वे उपमुख्यमंत्री बने और अब उन्हें विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री बनाया गया है। केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान ने उनके नाम का ऐलान किया। बुधवार को वे शपथ लेकर बिहार की कमान संभालेंगे, जो उनके अब तक के राजनीतिक बदलावों का सबसे बड़ा पड़ाव है।












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