बिहारः चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में सहरसा का लाल शहीद, बेटे की शहादत पर पिता को है गर्व
सहरसा। बीते 15 जून को चीन के साथ पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले भारतीय सैनिकों में बिहार के एक और जवान ने अपनी जान की कुर्बानी दी है। झड़प में शहीद हुए कुंदन यादव सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड के आरण गांव के रहने वाले थे। कुंदन की शहादत की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची पूरे इलाके में मायूसी छा गई। जानकारी के मुताबिक, कुंदन 8 साल पहले साल 2012 में सेना में भर्ती हुए थे।

कुंदन के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि इसी महीने की 9 तारीख को उनकी घर के लोगों से फोन पर बात हुई थी। इससे पहले कुंदन फरवरी महीने में अपने दोनों बेटे का मुंडन कराने घर आए थे। बेटे की शहादत के बाद पिता को इस वीरगति पर फख्र है। कुंदन के पिता ने कहा कि मुझे अपने बेटे के शहादत पर गर्व है। बता दें कि कुंदन के अलावा समस्तीपुर जिले के रहने वाले अमन कुमार सिंह भी चीनी सैनिकों के हमले में वीरगति को प्राप्त हुए हैं।
समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के सुल्तानपुर गांव के रहने वाले सुधीर कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार सिंह बिहार रेजीमेंट में कार्यरत चीनी सैनिकों के साथ हुए झड़प में शहीद हो गए हैं। अमन की शहादत की खबर परिवार वाले और ग्रामीणों को रात के लगभग 10:30 बजे मिली जब भारत चीन बॉर्डर से ही भारतीय सेना के किसी अधिकारी ने फोन करके परिजनों को यह सूचना दी।
चीन के साथ हुई झड़प में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने की खबर है। लद्दाख इलाके के पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद 5 मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है। 1962 के बाद ये पहला मौका है जब सैनिकों की जान गई है।












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