'मोदी चश्मा उतार देखें', शहाबुद्दीन के जयकारे लगाने वाले तेजस्वी PM को क्यों दे रहे हैं ऐसी नसीहत?
Tejashwi Yadav on Narendra Modi: आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, शिक्षकों, डॉक्टरों और वकीलों की हत्याओं, और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर चिंता जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी ने कहा, "नरेंद्र मोदी को टेलीप्रॉम्प्टर छोड़ देना चाहिए, चश्मा उतारकर हकीकत देखनी चाहिए। बिहार के हालात भयावह हो चुके हैं।" तेजस्वी का कहना है कि जब मोदी को बिहार से वोट मिलते हैं, तो यहां की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी बनती है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को "अचेत अवस्था" में बताया और आरोप लगाया कि बिहार को "रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है।''

तेजस्वी का कहना है कि जब मोदी को बिहार से वोट मिलते हैं, तो यहां की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी बनती है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को "अचेत अवस्था" में बताया और आरोप लगाया कि बिहार को "रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है।''
तेजस्वी यादव बोले- 'भाजपा नेताओं की हत्या हो रही है और PM मोदी चुप हैं'
तेजस्वी यादव ने कहा,
"नरेंद्र मोदी को चश्मा उतार करके देखना चाहिए और टेलीप्रॉम्प्टर छोड़कर अपनी बात कहनी चाहिए। बिहार के हालात भयावह है। टीचर, डॉक्टर, वकील और बिजनेसमैन, ठेकेदारों की हत्या हो रही है। लड़कियों के साथ गैंगरेप हो रहा है, कोई सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है, ये स्थिति बनी हुई है। भाजपा नेताओं की हत्या हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं? क्या वे कभी अपनी चिंता और दुख व्यक्त करेंगे या सिर्फ भाषण देंगे? अगर उन्हें यहां से वोट मिलते हैं तो यहां सुरक्षा मुहैया कराना उनकी जिम्मेदारी है या नहीं? मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं।"
तेजस्वी यादव ने अपने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''चुनाव आयोग स्वयं सामने आने की बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। ये वही सूत्र है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा कर चुके थे। इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते है। मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध फैलाता है। ''
तेजस्वी यादव बोले- 'अगर कोई विदेशी नागरिक घुसा है तो ये किसकी गलती है'
तेजस्वी यादव ने एक्स पोस्ट ,
''बिहार में 20 सालों से और केंद्र में 11 सालों से बीजेपी-एनडीए सरकार है। अगर कोई विदेशी नागरिक हमारी सीमा में घुसा है तो उसके दोषी प्रधानमंत्री मोदी जी, गृहमंत्री श्री अमित शाह जी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी है। क्योंकि देश-प्रदेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं की है। क्या इन्हीं विदेशियों के बल पर मोदी जी बिहार की 40 में से 39, 40 में से 33 लोकसभा सीटें जीतते रहे है। क्या इन्हीं विदेशियों के दम पर नीतीश-भाजपा बिहार में 20 वर्षों से कुंडली मारे बैठे है? नेपाल से तो बिहार का रोटी-बेटी का संबंध है। बिहार से नेपाल की 600 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। नेपाल के नागरिक भारतीय सेना में कार्यरत है। बिहार मिल्ट्री पुलिस में नेपाल के नागरिक नौकरी करते है। अपनी संकीर्ण सोच से मोदी सरकार पड़ोसी देश नेपाल से भी संबंध खराब कर रही है।''
क्या तेजस्वी खुद नैतिक तौर पर मजबूत स्थिति में हैं कि वे PM मोदी को इस तरह की नैतिक सीख दें?
आरजेडी के फाउंडेशन डे समारोह के दौरान तेजस्वी यादव ने जो कुछ किया, उस पर अब सियासी घमासान मचा हुआ है। तेजस्वी ने मोहम्मद शहाबुद्दीन और तस्लीमुद्दीन जैसे विवादित नेताओं के लिए मंच से "अमर रहें" के नारे लगवाए। यह नारेबाजी न सिर्फ लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की मौजूदगी में हुई, बल्कि इसे खुद तेजस्वी यादव ने मंच से नेतृत्व दिया। जिस शहाबुद्दीन पर हत्या, अपहरण, फिरौती और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप थे, उसके लिए इस तरह के जयकारे लगाना तेजस्वी की "साफ-सुथरी राजनीति" पर सवाल खड़े करता है।
BJP का पलटवार
भाजपा ने इस पूरे मामले पर तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया है। भाजपा ने कहा, ''तेजस्वी का विजन- तेजाब न्याय, चंदा बाबू के बेटों को तेजाब से नहलाकर नृशंस हत्या करने वाला शहाबुद्दीन तेजस्वी के लिए महापुरुष की तरह है। हिंदुओं के खिलाफ ऐसा जहर लालू परिवार के मन में भरा है कि तुष्टिकरण में अंधे होकर एक दुर्दांत हत्यारे की जय-जय जयकार करवा रहे। शर्म तो तुम्हें आती नहीं।''












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