बिहार की बेटी बनी DSP, घर पहुंचते ही ग्रामीणों किया भव्य स्वागत, रीता ने कही दिल छू लेने वाली बात
बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, यहां की धरती ने एक से एक हुनरबाज़ को जन्म दिया है। हाल ही में बीएससी 66वी का रिज़ल्ट घोषित हुआ था, जिसमें कई लोगों ने कामयाबी हासिल की उसे पढ़ कर युवाओं में ऊर्जा का नया संचार हुआ।
सीवान, 10 अगस्त 2022। बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, यहां की धरती ने एक से एक हुनरबाज़ को जन्म दिया है। हाल ही में बीएससी 66वी का रिज़ल्ट घोषित हुआ था, जिसमें कई लोगों ने कामयाबी हासिल की उसे पढ़ कर युवाओं में ऊर्जा का नया संचार हुआ। आज हम आपको एक और कामयाबी की खबर बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे की वाकई बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं है। हौसला अफ़ज़ाई तो कोई बिहार वालों से सीखे। जी हां हम आपको दिलित की बेटी रीता के कामयाबी की कहानी और उसके गांव पहुंचने पर हुए भव्य स्वागत के बारे में बताने जा रहे है। । 66वीं बीपीएससी की परीक्षा में उन्होंने 682 रैंक हासिल किया और उनका डीएसपी पद पर चयन हुआ है। उनके गांव पहुंचने पर सेलिब्रिटी की तरह स्वागत किया गया।

ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
बीपीएससी परीक्षा में बिहार के विभिन्न ज़िलों के युवाओं ने अधिकारी बन गांव और ज़िले के साथ-साथ प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में युवाओं ने अपनी कामयाबी के परचम लहराए हैं। उनके घर पहुंचते ही ढोल नगारों के साथ भव्य स्वागत किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार के सीवान ज़िले की रहने वाली रीतू का भी डीएसपी बन कर घर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने इस तरह स्वागत किया कि खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फ़ैल गई।

रीता डीएसपी बनने के बाद पहली बार पहुंची गांव
रीता डीएसपी बनने के बाद पहली बार सीवान के दलित बस्ती (हसनपुरा प्रखण्ड) पहुंची तो लोगों ने ढोल बाजे के साथ उनका स्वागत किया। ग़ौरतलब है कि जैसे ही स्थानीय लोगों को पता चला की रीता गांव आ रही है तो सड़क किनारे लोगों ने कतार लगाकर घंटों तक उनके आने का इंतेज़ार किया। रीता के क़दम जैसे ही सीवान की सरज़मीन पर पड़ी सभी लोगों ने फूल बरसाना शुरू कर दिया, उसके बाद उन्हें माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। सेलिब्रिटी की तरह ओपेन जीप में रीता को माला पहनाते हुए सड़क से लेकर गलियों से घुमाते हुए घर लाया।

रीता ने बताई डीएसपी बनने की कहानी
ओपेन जीप में बैठाकर रीता को गांव लाया गया, उनकी जीप को जगह-जगह रोक कर पुष्प वर्षा की जा रही थी। सुबह से उनके इंतेज़ार में खड़े ग्रामीण फूल की माला पहना कर स्वागत कर रहे थे। हसनपुरा ग्रामीणों द्वारा रीता का स्वागत देख लोग तारीफ़ करते नहीं थक रहे थे। रीता के परिवार वालों की बात की जाए तो वह पूर्व शिक्षा पदाधिकारी स्व० सुदर्शन दास की बेटी हैं। डीएसपी बनने के बाद गांव पहुंचने पर रीता के स्वागत में सभा का भी आयोजन किया गया था। सभा मे रीता ने अपने कामयाबी की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं ये पापा और भैय्या की देन है। इस मुकाम पर पहुंचाने में मुझे सभी लोगों ने राह दिखाई थी।

हसनपुरा की बेटी बनी डीएसपी
रीता ने अपनी कामयाबी का मंत्र बताते हुए कहा कि कड़ी मेहनत कर छात्र-छात्राएं अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। ज्यादातर लोग निगेटिव सोचते रहते हैं, अगर आप निगेटिव की बजाए पॉज़िटिव सोचेंगे तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता है। आप में जुनून और कड़ी मेहनत से अपनी मंज़िल आसानी से हासिल कर सकते हो। कोई भी परीक्षा पास आप अपनी मेहनत से कर सकते हैं। जो मेहनत करते हैं कामयाबी उनके क़दम चूमती है।
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