8वीं बार बिहार के सीएम बने नीतीश, तेजस्वी डिप्टी सीएम, जल्द होगा कैबिनेट विस्तार, इन्हें मिल सकती है जगह
पटना, 10 अगस्त। बिहार में सियासी उठापटक के बाद अब प्रदेश में नई सरकार का गठन हो गया है। आज महागठबंधन सरकार में नीतीश कुमार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। वहीं तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। जिस तरह से मंगलवार को नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन से इस्तीफे का ऐलान किया उसके बाद वह तेजस्वी यादव और अन्य महागठबंधन के नेताओं से मिले।

35 मंत्री ले सकते हैं शपथ
बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी राजद है। इसके साथ ही वह गठबंधन में भी सबसे बड़ी पार्टी है, लिहाजा उसे कैबिनेट में भी बड़ा दर्जा मिल सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर महागठबंधन की सरकार में 35 मंत्रियों ने शपथ ली तो उसमे से 20 मंत्री राजद के कोटे से होंगे। जबकि जदयू के पास 11-13 मंत्री हो सकते हैं। वहीं कांग्रेस को अधिकतम चार मंत्री पद मिल सकते हैं। वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी को भी एक मंत्री पद और निर्दलीय कोटे से सुमित कुमार सिंह को एक मंत्री पद मिल सकता है।

इन्हें मिलेगी कैबिनेट में जगह!
रिपोर्ट के अनुसार महागठबंधन में मंत्री पद का बंटवारा 2015 के फॉर्मूले पर ही हो सकता है। ऐसे में जदयू को 11-13 मंत्री पद मिल सकते हैं, जिसमे पार्टी के सभी मौजूदा मंत्रियों को आगे भी मंत्री पद पर बरकरार रखा जा सकता है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। वहीं राजद के कोटे से बात करें तो तेजस्वी यादव, तेज प्रताप, आलोक कुमार मेहता, चंद्रशेखर, सुनील कुमार सिंह, भाई वीरेंद्र, अनीता देवी, सुरेंद्र यादव को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

कांग्रेस से इन्हें मिल सकती है जगह
वहीं कांग्रेस पार्टी की बात करें तो उसे कोटे से मदन मोहन झा, शकील अहमद, राजेश राम, अजीत शर्मा को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। जीतन राम माझी की पार्टी हम से संतोष कुमार सुमन को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। निर्दलीय उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह को भी मंत्री पद मिल सकता है। राजद के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यह प्राकृतिक है कि राजद को कैबिनेट में बड़ी जगह मिलेगी, उसके खाते में बड़े मंत्रालय जाएंगे, जिसमे वित्त और गृह भी शामिल हैं। नीतीश कुमार ने हमेशा अपना वादा पूरा किया है। स्पीकर की पोस्ट भी राजद को जानी चाहिए क्योंकि यह पहले भाजपा के पास था।

विधानसभा में नंबर
कांग्रेस की बात करें तो उसने स्पीकर पद की मांग की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया है। प्रदेश में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं। जदयू के 45 विधायक हैं और राजद के पास 79 विधयक हैं। वहीं सीपीआई एमएल के पास 12, सीपीआई एम व सीपीआई के पास 2-2 विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी के पास 77 विधायक हैं। जीतन राम माझी की हम के पास 4 विधायक हैं। वहीं सदन में एक सीट खाली है और एक निर्दलीय विधायक है।












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