प्रोजेक्ट के नाम पर ग्राहकों नहीं लगेगा चूना! बिल्डर को रजिस्ट्रेशन के वक्त RERA को देने होंगे ये दस्तावेज़
Bihar RERA Instruction To Builders: बिहार में बिल्डर अब प्रोजेक्ट के लिए ग्राहकों से पैसे वसूलने के बाद भाग नहीं सकेंगे। अगर वे भागने की कोशिश करेंगे तो उनकी संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी और पैसे ग्राहकों को लौटा दिए जाएंगे। इस नए नियम का उद्देश्य आवंटियों के हितों की रक्षा करना है।
बिहार रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने अनिवार्य किया है कि बिल्डरों को प्रोजेक्ट पंजीकरण के दौरान अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण बताना होगा। यह अनिवार्यता तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इसे हलफनामे के माध्यम से पूरा किया जाना चाहिए।

अनिवार्य संपत्ति प्रकटीकरण
बिहार रेरा ने ग्राहकों और बिल्डरों दोनों को इस नए प्रावधान के बारे में जानकारी देने के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। बिल्डरों को अब प्रोजेक्ट रजिस्टर करते समय अपनी प्रॉपर्टी के बारे में विस्तृत जानकारी देनी होगी।
RERA अधिनियम के अनुसार, प्रमोटरों को परियोजना पंजीकरण के समय अपनी कंपनी से जुड़े सभी निदेशकों, भागीदारों या प्रमोटरों का विवरण प्रस्तुत करना होगा। इसमें एक निर्दिष्ट प्रारूप में हलफनामे के माध्यम से अचल संपत्ति का पूरा खुलासा करना शामिल है।
बिल्डरों से आवश्यक विवरण
बिल्डरों को अपनी अचल संपत्ति का राज्य, जिला, क्षेत्र या गांव बताना होगा। उन्हें मौजा, खाता और प्लॉट नंबर तथा संपत्ति के क्षेत्रफल के बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी।
इसके अतिरिक्त, बिल्डरों को अपनी संपत्तियों का अनुमानित मूल्य या न्यूनतम मूल्यांकन दर (एमवीआर) बताना आवश्यक है। इससे बिहार में रियल एस्टेट लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
बिहार RERA की इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिल्डर बिना किसी परिणाम का सामना किए पैसे लेकर फरार न हो सकें। प्राधिकरण के इस कदम से रियल एस्टेट क्षेत्र में अधिक विश्वास और विश्वसनीयता आने की उम्मीद है।












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