बिहार में शिक्षा विभाग का कारनामा, पूछा गया 'द पीपुल ऑफ कश्मीर आर कॉल्ड द......'
मचे बवाल को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ संग्राम सिंह ने कहा कि विभाग से गलती हुई है और यह एक मानवीय भूल है हालांकि ऐसी गलती भविष्य में नहीं होगी ऐसा हम वादा करते हैं।
पटना। बिहार में कक्षा 1 से लेकर 7 वीं क्लास तक की हाफ ईयरली एग्जामिनेशन शुरू हो गई है जिसमें विभिन्न जिलों में स्कूलों के द्वारा बच्चों से परीक्षा लिया जा रहा है इस दौरान शिक्षा विभाग के कई ऐसे कारनामे सामने आए हैं जिसने एक बार फिर शिक्षा विभाग को शर्मसार करने का काम किया है आज से कुछ दिन पहले भागलपुर में एग्जामिनेशन से पहले छात्रों के हाथों Question Paper का फोटो स्टेट करवाने का मामला सामने आया था तो दूसरी तरफ बिहार के हाजीपुर जिले में एजुकेशन डिपार्टमेंट की घोर लापरवाही सामने आई है जिसमें सातवीं क्लास की Half-Yearly Exam के दौरान बिहार एजुकेशन बोर्ड में बच्चों से गलत सवाल पूछा। इस सवाल का जवाब देने में बच्चों से लेकर शिक्षक तक सभी के पसीने छूटने लगे। जिसमें Question Paper के माध्यम से यह पूछा गया कि कश्मीर देश के निवासियों को क्या कहा जाता है तो चीन भारत नेपाल और इंग्लैंड के साथ साथ कश्मीर को भी एक अलग देश माना गया है। बिहार एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा इस तरह के सवाल पूछे जाने को लेकर जब भी डीपीओ से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह मानवीय भूल है।

मिली जानकारी के अनुसार बिहार के हाजीपुर जिले में शनिवार को सातवीं क्लास के बच्चों का इंग्लिश पेपर का एग्जाम लिया जा रहा था जिसमें 50 अंक के पेपर पर अंकित पहले सवाल में खाली जगह को भरना रहता है। पहला क्वेश्चन 8 अंक का रहता है जिस में कुल 5 क्वेश्चन का जवाब देना होता है। और हर सवाल के लिए 2 अंक दिए जाते हैं। वही बच्चों की सहूलियत के लिए सबसे पहले एक क्वेश्चन सॉल्व किया रहता है। इसी तरह के खाली जगहों को भरने
वाले सवाल में बच्चों से यह पूछा गया कि निम्नलिखित देशों के निवासियों को क्या कहा जाता है। और उदाहरण के तौर पर एक सवाल को हल करते हुए कहा गया कि बाकी सवालों का जवाब खाली जगहों में भरे ।
द पीपुल ऑफ नेपाल आर कॉल्ड द......
द पीपुल ऑफ इंग्लैंड आर कॉल्ड द.......
द पीपुल ऑफ कश्मीर आर कॉल्ड द......
द पीपुल ऑफ इंडिया आर कॉल्ड द.....
इस सवालों से साफ स्पष्ट होता है कि बिहार शिक्षा विभाग ने देश की श्रेणी में कश्मीर को भी रख दिया है।
वहीं जब इस तरह के बेतुके सवाल के जवाब देने में छात्रों के पसीने छूटने लगे तो स्कूल के शिक्षकों की जब इस पर नजर पड़ी तो वह भी सोच में पड़ गए। फिर देखते ही देखते यह मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और ऐसे बेतुके सवाल पुछे जाने पर जमकर बवाल मच गया। मचे बवाल को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ संग्राम सिंह ने कहा कि विभाग से गलती हुई है और यह एक मानवीय भूल है हालांकि ऐसी गलती भविष्य में नहीं होगी ऐसा हम वादा करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications