'अब सिंदूर का डिबिया बांटने से कुछ नहीं होगा', प्रशांत किशोर ने 'भारत-PAK सीजफायर' पर मोदी से पूछे सवाल
Prashant Kishor on India Pakistan ceasefire: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद कहा कि यह सीजफायर पाकिस्तान के अनुरोध पर हुआ, तो इसका मतलब है कि भारत मजबूत स्थिति में था। भारत इतनी जल्दी संघर्ष विराम पर सहमत होने के बजाय पाकिस्तान पर दो दिन और ऑपरेशन जारी रख सकता था। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच प्रशांत किशोर अपनी बदलाव यात्रा के दौरान ये मुद्दा उठा रहे हैं।
बिहार के पूर्वी चंपारण में बोलते हुए प्रशांत किशोर ने मोदी सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर पाकिस्तान पीछे हट रहा था तो सरकार ने इसे क्यों स्वीकार किया? प्रशांत किशोर ने कहा, ''अब सीजफायर कर लिए तो, काहे जनका को बेवकूफ बना रहे हो! आपके सामने हैं, जो कह रहे हैं गलत कह रहे हैं। उसके बाद अब सिंदूर का डिबिया बांटने से कुछ नहीं होगा।''

प्रशांत किशोर बोले- जयशंकर पढ़े-लिखे, समझदार नेता हैं...फिर भी
प्रशांत किशोर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जयशंकर ने खुद स्वीकार किया है कि सीजफायर पाकिस्तान की पहल पर हुआ था। प्रशांत किशोर ने "अच्छे पढ़े-लिखे और समझदार नेता" के रूप में जयशंकर की तारीफ की ...लेकिन उनके फैसले पर हैरानी जताई।
प्रशांत किशोर ने कहा,
''जहां तक सीजफायर का सवाल है, मैंने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का बयान पढ़ा, जो एक पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि सीजफायर पाकिस्तान की पहल पर हुआ था। मैं सोच रहा हूं कि अगर पाकिस्तान युद्ध विराम चाहता था, तो इसका मतलब है कि सेना सही काम कर रही है, हम पाकिस्तान को हरा रहे थे। तो अगर पाकिस्तान युद्ध विराम चाहता था, तो हमने क्यों सहमति दी? सेना को इसे दो दिन और चलने देना चाहिए था। अगर पाकिस्तान युद्ध विराम नहीं चाहता था, तो वह जो दावा कर रहा है वह गलत है...जब पाकिस्तान बैकफुट पर था और आपसे युद्ध विराम की भीख मांग रहा था, तो आपने युद्ध विराम क्यों किया?...यह आपके सामने है, वह जो कह रहे हैं वह गलत है।"
डोनाल्ड ट्रंप पर भी प्रशांत किशोर ने कसा तंज
प्रशांत किशोर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें उनकी बातों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट लेना चाहते थे...शायद उनको लगता है कि इससे उन्हें शांति पुरस्कार मिल जाएगा।..लेकिन जब हमारे देश के विदेश मंत्री जयशंकर खुद सीजफायर पर बात कर रहे हैं...तो ट्रंप पर भरोसे के सवाल ही नहीं उठता है।












Click it and Unblock the Notifications