प्रशांत किशोर का दावा, नीतीश ने कहा था कि अभी मोदीजी की हवा है, भाजपा में ही रुकते हैं
प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि नीतीश कुमार ने 2019 के चुनाव के नतीजों के बाद कहा था कि अभी मोदीजी की हवा है लिहाजा अभी कुछ समय के लिए भाजपा में ही रहते हैं।

भाजपा, कांग्रेस और जदयू के साथ काम करने के बाद अब प्रशांत किशोर खुद राजनीतिक तौर पर सक्रिय हो गए हैं और बिहार में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच गोपालगंज में जन सुराज यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश ने कई बार लोगों को ठगा है।
पीके ने कहा कि 2019 में वक्त तय हुआ था कि हम लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा से अलग हो जाएंगे। लेकिन जब मोदी दूसरी बार जीत गए तो नीतीश कुमार हमे यह समझाने लगे कि अभी मोदी जी की हवा है, अभी थोड़े दिन रुकते हैं भारतीय जनता पार्टी में। इससे पहले 2015 में नीतीश भाजपा छोड़कर अलग हुए थे। 2019 में जब जदयू 17 सीटों पर जीती तो भाजपा 30 की बजाए सिर्फ 17 पर सिमट गई। भाजपा को हमने बिना लड़े ही 17 पर लाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद जब सीएए-एनआरसी पर जब हम मोदी सरकार के खिलाफ थे तो नीतीश कुमार ने संसद में जाकर इसपर मोदी सरकार को अपना समर्थन दे दिया। लेकिन इन तीनों ही मौकों पर नीतीश कुमार ने बिहार को धोखा दिया। बिहार के लोगों ने तीन बार नीतीश कुमार पर भरोसा किया और तीनों ही बार उन्होंने धोखा दिया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब सीटों का आवंटन हुआ तो जदयू ने फैसला लिया था कि वह एनडीए से अलग हो जाएगी। नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बन गए तो नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होने का फैसला टाल दिया। इससे पहले 27 जनवरी को भी नीतीश कुमार ने कहा था कि मैंने नीतीश कुमार को मार्च 2022 में ही राजद के साथ गठबंधन के बारे में बता दिया था। उस वक्त नीतीश कुमार ने मुझे महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया था।
पीके ने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को चुना क्योंकि उन्हें पता है कि 2025 के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, वह चाहते थे कि बिहार की स्थिति खराब हो जाए, इसके बाद लोगों को लगेगा कि नीतीश ही बेहतर विकल्प हैं। वह अपनी विरासत को बनाए रखना चाहते हैं। यही वजह है कि वह नहीं चाहते हैं कि उनसे बेहतर कोई सत्ता में आए। पीके ने कहा कि मैं जब मार्च 2022 में नीतीश कुमार से मिला तो उन्होंने कहा कि मैं महागठबंधन में शामिल हो जाऊं। उन्हें पता है कि अगर वह भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखते हैं और 2024 में भाजपा फिर से जीतती है तो भाजपा उनकी जगह किसी और को अपनी पार्टी से मुख्यमंत्री बनाएंगे।
यही नहीं नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश उस विचारधारा के व्यक्ति हैं जो चाहते हैं कि अगर यादव सत्ता में आते हैं और लालू यादव का जंगल राज फिर से प्रदेश में वापस आता है लोग चाहेंगे कि फिर से नीतीश कुमार सत्ता में आएं क्योंकि उनका शासनकाल बेहतर था। गौर करने वाली बात है कि नीतीश को लेकर प्रशांत किशोर कई दावे कर चुके हैं। बहरहाल देखने वाली बात है कि क्या नीतीश कुमार जदयू के साथ मिलकर बिहार में अगले चुनाव में कुछ बड़ा बदलाव कर सकते हैं या नहीं।












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