बिहार में प्रशांत किशोर करेंगे 3500 KM की पदयात्रा, कहा- बेहतर राजनीतिक व्यवस्था है मकसद
पटना, 2 अक्टूबर: कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' जारी है, जिसके तहत राहुल गांधी कन्याकुमार से कश्मीर तक के सफर पर निकले हैं। इसी तरह बिहार में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक लंबी यात्रा करने जा रहे। जिसके तहत वो ज्यादातर जिलों और शहरों को कवर करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक इस यात्रा को नीतीश सरकार को सीधी चुनौती के तौर पर देख रहे।

पीके ने रविवार को ट्वीट कर लिखा कि देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार में व्यवस्था परिवर्तन का दृढ़ संकल्प। पहला महत्वपूर्ण कदम - समाज की मदद से एक नई और बेहतर राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए अगले 12-15 महीनों में बिहार के शहरों, गांवों और कस्बों में 3500 किलोमीटर की पदयात्रा। बेहतर और विकसित बिहार के लिए #जनसुराज। वैसे प्रशांत किशोर पिछले काफी दिनों से नीतीश सरकार पर काफी ज्यादा हमलावर हैं। उन्होंने अपने ट्विटर पर कई ऐसे वीडियो शेयर किए, जो बिहार सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं।
15 साल का ब्लू प्रिंट होगा तैयार
इससे पहले पीके ने कहा था कि इस यात्रा का मकसद समाज के हर वर्ग से मिलना है। वो बिहार को पूरी तरह से सुधारना चाहते हैं, जिस वजह से वो 15 साल का ब्लू प्रिंट तैयार कर उसे जनता को दिखाएंगे। पीके का मानना है कि बिहार में नया राजनीतिक विकल्प तैयार करने की जरूरत है।
क्या है प्रशांत किशोर की सोच?
वहीं जनसुराज से जुड़े पूर्व आईपीएस अधिकारी एसके मिश्रा ने पीके की इस यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीके 3500 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे, जो 12-15 महीने चलेगी। आमतौर पर नेताओं की सोच सत्ता परिवर्तन की रहती है, लेकिन पीके एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं, जिससे अच्छे समाज का निर्माण हो। उनका मकसद ऐसे लोगों को प्रेरित करना है, जो बिहार को अच्छा राज्य बना सकें।












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