कटिहार: बाढ़ पीड़ितों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा, महिला का सिर फोड़ा
कटिहार। बिहार के कटिहार में पुर्नवास की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। जिसमें तकरीबन आधा दर्जन आंदोलनकारी घायल हो गए। जिसमें एक महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है। जबकि, आंदोलन की अगुवाई कर रहे विक्टर झा, एएम हक सहित एक अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये परिवार पुनर्वास की मांग को लेकर पुनर्वास संघर्ष समिति के बैनर तल समाहरणालय के सामने अनशन कर रहे थे।

बता दें कि पुर्नवास संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों की संख्या में विस्थापितों ने समाहरणालय का घेराव किया था। पूरे दिन व पूरी रात विस्थापित परिवार समाहरणालय का घेराव कर डटे रहे। आरोप है कि जिला प्रशासन ने समाहरणालय के आसपास की बिजली रात को कटवा दी। इससे हजारों महिला, पुरुष व बच्चे अंधेरे में पूरी रात गुजारने को विवश हुए। यहीं नहीं, धरने पर बैठे लोगों की प्रशासन स्तर से कोई सुध नहीं ली गई। इस बात से आक्रोशित कटाव पीड़ित विस्थापितों ने कटिहार-गेड़ाबाड़ी सड़क मार्ग जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।

बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश और कैदी वाहन को रोक दिया उन्हें आगे नहीं जाने दिए। वहीं, डीएलईडी परीक्षा का प्रश्न पत्र लेने अनुमंडल कार्यालय पहुंचे सदर एसडीओ व एसडीपीओ को आक्रोशित अनशनकारियों ने समाहरणालय के मुख्य द्वार पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस व भीड़ के बीच झड़प भी हुई। झड़प के बाद भारी संख्या में मौजूद पुलिस बलों ने अनशनकारियों पर जमकर लाठियां भांजीं। लाठीचार्ज से समाहरणालय परिसर कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में बदल गया और भगदड़ मच गई। छोटे-छोटे बच्चों के साथ पहुंचीं कुछ महिलाएं भी गिरती-पड़तीं भागती नजर आईं। घटना में मनिहारी की पुतुल देवी के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि 12 लोगों घायल हो गए।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति के समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इससे सरकारी कामकाज बाधित हो रहा था। डीइएलइडी का प्रश्नपत्र ले जाने में बाधा उत्पन्न की गई। लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा। भीड़ पर लाठीचार्ज नहीं किया गया।












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