बाबा रामदेव के ऊपर SC/ST एक्ट के तहत केस, कोर्ट ने जारी किया समन
पटना। योग गुरु बाबा रामदेव के द्वारा दलित समाज की महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही है। वर्ष 2014 में उनके खिलाफ दलित उत्पीड़न कानून के तहत न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया गया था । जिसकी सुनवाई के बाद पटना न्यायालय ने उनके खिलाफ समन जारी किया है और 6 नवंबर को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश सुनाया है।

आपको बताते चलें कि बिहार के विधायक के द्वारा वर्ष 2014 में पटना न्यायालय में याचिका दायर कराया गया था। जिसमें बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक के द्वारा यह कहा गया था कि बाबा रामदेव के इस बयान से महादलित और दलित समाज की महिलाओं का अपमान हुआ है। वर्ष 2014 में दर्ज हुई इस याचिका की सुनवाई करते हुए पटना न्यायालय के द्वारा उनके खिलाफ समन जारी किया गया है तथा उंहें 6 नवंबर को अदालत में उपस्थित रहने का आदेश भी दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्याम रजक के द्वारा 28 अप्रैल, 2014 में योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत पटना न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया था। परिवाद पत्र दायर करते हुए श्याम रजक ने महादलित लोगों और महिलाओं के अपमान की बात बताते हुए पटना न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ओमप्रकाश की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अजा व अजजा अधिनियम-1989 की धारा 3 (1) (10) के तहत मामले को प्रथमदृष्टया सही पाते हुए समन जारी किया है।इस समन में बाबा रामदेव को पटना न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया गया है अब 6 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होगी और बाबा रामदेव उपस्थित रहेंगे।












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