पटना में दो मासूमों की खौफनाक हत्या, पेट्रोल छिड़ककर जलाई गई लाशें, पुलिस ने क्या कहा?
Patna children murder: पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में गुरुवार को दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की निर्मम हत्या कर उनके शवों को बेड पर रखकर जला दिया गया। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय अंजलि कुमारी और 12 वर्षीय अंशु कुमार के रूप में हुई है।
स्कूल से लौटने के बाद घर में थे अकेले
जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त घर में सिर्फ भाई-बहन मौजूद थे। दोनों कुछ देर पहले ही स्कूल से लौटे थे। अंजलि 10वीं की छात्रा थी और अगले साल मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कर रही थी, जबकि उसका छोटा भाई अंशु 6वीं कक्षा में पढ़ता था।
बच्चों के माता-पिता घटना के समय घर पर नहीं थे। मां शोभा देवी पटना एम्स में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता ललन गुप्ता निर्वाचन आयोग में कैजुअल कर्मचारी हैं।

हत्या के बाद शवों को जलाया गया
स्थानीय लोगों और परिवार वालों का कहना है कि बच्चों की गला दबाकर हत्या की गई, उसके बाद पेट्रोल छिड़ककर शवों को जलाया गया। कमरे से तेज पेट्रोल की बदबू आ रही थी। आशंका है कि बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए शवों को जलाया ताकि कोई सबूत न बचे।
मौके पर नहीं मिला कोई CCTV, चोरी भी नहीं हुई
परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि घर में किसी भी प्रकार की चोरी नहीं हुई है। अलमारी और अन्य सामान वैसे ही सुरक्षित था, जिससे साफ होता है कि हत्या की मंशा कुछ और ही थी। साथ ही घटनास्थल के आस-पास कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा था, जिससे जांच में मुश्किलें आ रही हैं।
शक: गलत नीयत से घुसे बदमाश
लोगों को शक है कि घर के पीछे से कुछ युवक गलत इरादे से अंदर घुसे होंगे। जब बच्चों ने विरोध किया या उन्हें पहचान लिया, तो गला दबाकर हत्या कर दी गई और फिर शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ललन गुप्ता के घर के आसपास दारूबाजों और नशाखोरों का जमावड़ा रहता है। अक्सर यहां दारू और स्मैक का धंधा चलता है। लोगों का मानना है कि इस वीभत्स वारदात के पीछे 2-3 स्थानीय बदमाशों का हाथ हो सकता है।
घटना का पता कैसे चला?
जब मां शोभा देवी दोपहर को काम से लौटीं तो घर से जलने की बदबू आ रही थी। उन्होंने पास में काम कर रहे मजदूरों की मदद से पीछे के रास्ते से घर का दरवाजा खुलवाया। अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े हुए थे। पहले उन्हें लगा कि दोनों जीवित हैं, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विधायक और पुलिस की प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर पहुंचे फुलवारी शरीफ के विधायक गोपाल रविदास ने बताया कि कमरे में पेट्रोल की गंध स्पष्ट महसूस हो रही थी। उन्होंने कहा कि हत्या के बाद अपराधी पीछे के रास्ते से भाग निकले होंगे।
पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो सबूत इकट्ठा कर रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।












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