Bihar Police Exam: नकल गैंग का पर्दाफाश, CCTV के शिकंजे में ‘मुन्ना भाई’! सिपाही परीक्षा में 6 पर हुई कार्रवाई
Bihar Police Exam: बिहार में आयोजित सिपाही बहाली परीक्षा में फर्जीवाड़ा और कदाचार के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित परीक्षा में चार अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि छह के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
इनमें से पांच अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 627 केंद्रों पर जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, जिसमें CCTV लाइव मॉनिटरिंग और जैमर जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं भी शामिल थीं।

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक 30 जुलाई को आयोजित सिपाही लिखित परीक्षा में कई जगहों पर कदाचार के मामले सामने आए। जहानाबाद में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें तीन अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और दो को गिरफ्तार किया गया।
मधेपुरा में एक एफआईआर दर्ज हुई और दो अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए। मधुबनी में एक एफआईआर के तहत एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पर्षद के मुताबिक कुल मिलाकर अब तक चार एफआईआर दर्ज की गई हैं और कुल पांच अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस परीक्षा के लिए राज्यभर में 627 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। कुल 2,79,095 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया गया था, जिनमें से 2,47,183 ने ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड किया। पर्षद के अनुसार उपस्थिति करीब 79% रही, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए CCTV कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग की गई, जिसकी निगरानी पर्षद मुख्यालय में बनाए गए विशेष कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जा रही थी। सभी केंद्रों पर मोबाइल जैमर भी लगाए गए थे ताकि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से धोखाधड़ी को रोका जा सके।
बिहार में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पर्षद द्वारा की जा रही सतर्कता और कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है। प्रशासन ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि फर्जीवाड़ा या कदाचार में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब निगाहें आने वाले परिणामों और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट पर होंगी।












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