Nitish Kumar: CM पद से हटते ही कमांडो के साये में नीतीश कुमार, MHA ने अचानक क्यों दी पावरफुल Z+ सिक्योरिटी?

Nitish Kumar Get Z Plus Security: बिहार की सियासत में इन दिनों बड़े बदलाव की बयार चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार की कमान छोड़कर देश की संसद यानी राज्यसभा की दहलीज पर कदम रखने को तैयार हैं। लेकिन इस बीच सबसे बड़ी खबर उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर आ रही है। गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पद से हटने के बाद भी नीतीश कुमार की सुरक्षा में रत्ती भर की भी कमी नहीं की जाएगी, बल्कि उन्हें देश की सर्वोच्च 'जेड प्लस' (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा मिलती रहेगी।

गृह विभाग की विशेष शाखा ने मंगलवार को एक हाई-प्रोफाइल आदेश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक, नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के प्रावधानों के तहत यह विशेष सुरक्षा कवर दिया गया है। विभाग ने मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल और वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया है कि उन्हें भविष्य में भी सर्वोच्च श्रेणी का कवर मिलता रहना चाहिए।

Nitish Kumar PTI Photo

राज्यसभा का सफर और इस्तीफे की टाइमलाइन

  • इस्तीफा: 30 मार्च 2026 को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी है।
  • शपथ ग्रहण: संभावना है कि आगामी 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
  • बदलाव: शपथ से पहले वे मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंप देंगे, जिसके बाद भी उनकी Z+ सुरक्षा बरकरार रहेगी।

Z+ सुरक्षा का 'पावरफुल' घेरा: क्या-क्या मिलेगा?

जब हम जेड प्लस सुरक्षा की बात करते हैं, तो इसका मतलब है एक ऐसा सुरक्षा कवच जिसे भेदना नामुमकिन माना जाता है:

  • 1. 55 जांबाज जवान: नीतीश कुमार की सुरक्षा में हर समय लगभग 55 ट्रेंड जवान तैनात रहेंगे।
  • 2. NSG कमांडो का साया: इस घेरे के सबसे महत्वपूर्ण अंग 10 से ज्यादा NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो होंगे, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं।
  • 3. त्रिस्तरीय सुरक्षा (3-Layered): पहले घेरे में NSG, दूसरे में विशेष अधिकारी और तीसरे में स्थानीय पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात रहेंगे।
  • 4. बुलेटप्रूफ गाड़ियां: उनके काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ियां और एस्कॉर्ट वाहन हमेशा शामिल रहेंगे ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।

Z+ सुरक्षा क्यों और किसे दी जाती है?

भारत में Z+ सुरक्षा मुख्य रूप से उन व्यक्तियों (VVIPs) को दी जाती है, जिनकी जान को देश विरोधी तत्वों या आतंकी संगठनों से गंभीर खतरा (High-level threat) होता है। इस सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण केंद्रीय गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। आमतौर पर यह सुरक्षा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री (जिन्हें विशेष तौर पर SPG मिलती है), सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट मंत्रियों और कुछ प्रमुख राजनेताओं को उनके पद की संवेदनशीलता के कारण मिलती है। हालांकि, खतरे के आकलन को देखते हुए समय-समय पर प्रमुख उद्योगपतियों या सामाजिक हस्तियों को भी इस सुरक्षा घेरे में शामिल किया जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+