दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून, IMD ने दिया लेटेस्ट अपडेट
India Monsoon 2026: देशभर में जारी भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम विभाग (IMD) से राहत भरी खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए कई समुद्री क्षेत्रों में प्रवेश कर लिया है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद बढ़ गई है।
सैटेलाइट तस्वीरों में घने बादलों की मौजूदगी भी मॉनसून की सक्रियता की पुष्टि कर रही है। जिससे आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। ।

कहां पहुंचा मानसून?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 23 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, तथा बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बड़े हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। मॉनसून की उत्तरी सीमा भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजर चुकी है और इसकी गति सामान्य से थोड़ी तेज बताई जा रही है। इस त्वरित प्रगति से केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार और पूर्वोत्तर राज्यों में जल्द वर्षा शुरू हो सकती है। केरल में सामान्यतः 1 जून से मानसून शुरू होता है लेकिन इस बार मॉनसून पहले दस्तक देगा।
सैटेलाइट इमेज में कहां दिखे बादल?
मौसम उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर घने बादलों का बड़ा समूह दिखाई दे रहा है। ये बादल आने वाले समय में भारी बारिश का संकेत दे रहे हैं, जिससे मॉनसून के और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान
IMD के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों में मॉनसून के और आगे बढ़ने के अनुकूल हालात बने रहेंगे। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के शेष हिस्सों में विस्तार होगा। बंगाल की खाड़ी के बाकी क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ रही है। अंडमान सागर में पूर्ण कवरेज की संभावना इन बदलावों से मॉनसून की गति और तेज होने की उम्मीद है।
केरल से लेकर पूर्वोत्तर तक बारिश की उम्मीद
मॉनसून की इस प्रगति का असर जल्द ही देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में दिख सकता है। केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार और पूर्वोत्तर राज्यों में समय से पहले या सामान्य से पहले बारिश शुरू होने की संभावना है।
भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद
फिलहाल देश के कई हिस्सों-दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और विदर्भ-में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में मॉनसून की यह तेज़ प्रगति लोगों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद लेकर आई है।
किसानों के लिए सकारात्मक संकेत
समय से पहले या अच्छी शुरुआत वाला मॉनसून खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।
यदि यह रफ्तार बनी रहती है तो कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
IMD की निगरानी जारी
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं। साथ ही शुरुआती भारी बारिश को देखते हुए कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थितियों से सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।













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