नीतीश कुमार 10वीं बार बने CM, सम्राट चौधरी समेत किस-किस मंत्री ने ली शपथ, यहां देखें की पूरी लिस्ट
Nitish Cabinet Ministers List: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। सीटों के बंटवारे के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सर्वाधिक 14 मंत्री, जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) से 8 मंत्रियों ने शपथ ली।
इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP-R) से 2 मंत्री, और हम (HAM) तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) से 1-1 मंत्री शामिल किए गए हैं। हालांकि रालोमो कोटे के मंत्री दीपक प्रकाश वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली इस नई सरकार में कई प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ अन्य नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई है।

मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री
- नीतीश कुमार (JD(U)): मुख्यमंत्री
- सम्राट चौधरी (BJP): उप-मुख्यमंत्री (BJP विधायक दल के नेता)
- विजय कुमार सिन्हा (BJP): उप-मुख्यमंत्री (BJP विधायक दल के उपनेता)
नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों की पूरी लिस्ट (पार्टी के अनुसार)
1. भारतीय जनता पार्टी (BJP) - 14 मंत्री
- मंगल पांडेय
- दिलीप जायसवाल
- नितिन नबीन
- रामकृपाल यादव
- संजय सिंह टाइगर
- अरुण शंकर प्रसाद
- सुरेंद्र मेहता
- नारायण प्रसाद
- रमा निषाद
- लखेंद्र कुमार रौशन
- श्रेयसी सिंह
- प्रमोद कुमार
(शपथ लेने वाले दो उप-मुख्यमंत्री भी BJP से हैं, यदि उन्हें भी शामिल किया जाए तो कुल 16)
2. जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) - 8 मंत्री
- विजय कुमार चौधरी
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेशी सिंह
- मदन सहनी
- सुनील कुमार
- मोहम्मद जमा खान
3. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP-R) - 2 मंत्री
- संजय कुमार
- संजय कुमार सिंह
4. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) - 1 मंत्री
- संतोष सुमन
5. राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) - 1 मंत्री
दीपक प्रकाश (जो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं)
नोट: मंत्रियों के बीच पोर्टफोलियो (विभागों) का आवंटन बाद में किया जाएगा।
NDA के चुनाव पूर्व वादे और नई सरकार की चुनौतियां
नीतीश कुमार के 10वें कार्यकाल पर जनता और उद्योग जगत की पैनी नज़र होगी, क्योंकि NDA गठबंधन ने चुनाव से पहले बिहार की जनता से कई बड़े वादे किए थे:
- रोजगार सृजन: 5 साल में एक करोड़ नौकरियां पैदा करना, ताकि बिहारी युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
- शिक्षा और कौशल: हर जिले में मेगा-स्किल सेंटर खोलना और शिक्षा क्षेत्र में ₹5,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करना।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: सात एक्सप्रेसवे और 3,600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण, साथ ही चार मेट्रो शहरों में मेट्रो रेलवे सुविधा प्रदान करना।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: बिहार को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली मेडिसिटी और हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज देना












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